आजादी के 73 साल भी पुल नहीं, खड्ड पार करके जाना पड़ता है स्कूल।
September 4th, 2019 | Post by :- | 126 Views

मंडी,करसोग(मोहन शर्मा):-जिला के उपमंडल करसोग की दुर्गम पंचायत मशोग के ग्रामीणों को आज भी पुल ना होने के कारण खड्ड पार करके अपने घरों तक पहुंचना पड़ता है। थाची गांव के आस पास खड्ड को पार करने में सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना स्कूली छात्र व छात्राओं को करना पड़ता है। जूतों को हाथ में लिए खड्ड को पार करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प क्षेत्र वासियों के पास नहीं है। सबसे अधिक समस्या थाची व आसपास के गांव के लोगों को झेलनी पड़ रही है। इन क्षेत्रों में रहने वाले नौनिहालों को शिक्षा प्रदान करने के लिए खड्ड के दूसरी ओर बने फेगल स्कूल तक पहुंचाने के लिए खड्ड पार करवाने के लिए अविभावकों को सारे काम काज छोड़कर खड्ड के पास पहुंचना पड़ता हैबरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से बच्चों को स्कूल जाने से कई बार वंचित रहना पड़ रहा है सर्दियों के मौसम में नंगे पांव खड्ड को पार करना काफी मुश्किल हो जाता है, लेकिन शायद यहां से चुने हुए जनप्रतिनिधियों के पास जनता की सुध लेने की फुर्सत ही नहीं है। खड्ड के उफान पर होने के चलते आपातकालीन परिस्थितियों में ग्रामीणों को समस्याओं से जूझना पड़ता है।खड्ड के उफान पर होने के चलते अधिकतर स्कूली छात्र पुल के अभाव में कई दिनों तक स्कूल नहीं जा पाते। यदि ऐसी स्थिति में स्कूल जाना पड़ जाए तो फिर 6 किलोमीटर का अतिरिक्त पैदल सफर करके स्कूल पहुंचना पड़ता है। आजादी के 73 साल बाद भी शिक्षा ग्रहण करने पहुंच रहे नौनिहालों सहित क्षेत्र के युवाओं व बुजुर्गो के लिए पांगणा-फेगल खड्ड को पुल के अभाव में पार करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। इस खड्ड को पार करते वक्त एक युवक इसमें बह कर अपने प्राण गंवा चुका है लेकिन वावजूद इसके इन ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस खड्ड में 5 अन्य खड्डों का पानी भी मिलता है जिसके चलते हल्की सी बरसात में यह खड्ड रौद्र रूप धारण कर लेती है। खड्ड पर पैदल चलने योग्य पुल का निर्माण न होने के चलते यहां के बाशिंदों को समझ नहीं आ रहा है कि चुने हुए प्रतिनिधि आखिरकार कहां और क्या विकास कार्य करवा रहे हैं। कई बार इस मुद्दे को उठाने के बाद पुल लगाने का आश्वासन तो जरूर मिला पर वास्तव में ना अनुदान मिला ना ही पुल लगाने का प्रारंभिक कार्य शुरू हुआ l विद्यार्थी रोहित, साधना, दिनेश,तनीषा, साहिल, किशोर, भारती, गौरव, नितेश, कुसम लता,गीताश, लीना, गुंजन,तमन्ना,लोकेश, हैप्पी, थाची गाओं से भाग सिंह, दयार सिंह, सोम कृष्ण, चेत राम, अमर सिंह, टीकम राम, मौजी राम, जोगेन्दर पाल, सूरत राम, देवी राम, खेम राज प्रेली गाव से मेहर सिंह, केहर सिंह, परमा नन्द, वेगा राम फेगल से वार्ड सदस्य रुक्मणि, खूब राम, आदि  सहित सभी ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि समय रहते इस खड्ड पर पैदल चलने योग्य पुल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि स्कूली छात्रों सहित ग्रामीणों को सुविधा मिल सके।

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