गजसिंहपुर,(यश कुमार)। श्री महावीर ड्रामेटिक क्लब द्वारा आयोजित रामलीला मंचन में शूर्पणखा की नाक कटाई, खर-दूषण युद्ध और रावण प्रवेश जैसे प्रसंगों का जीवंत प्रदर्शन हुआ कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की आरती से हुई लीला में वनवासी राम-सीता-लक्ष्मण की ऋषियों और जटायु से भेंट का चित्रण किया गया इसके बाद शूर्पणखा का रूप बदलकर राम और लक्ष्मण को रिझाने का प्रयास दर्शाया गया जहाँ लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटे जाने का दृश्य दर्शकों को रोमांचित कर गया शूर्पणखा का क्रोध और प्रतिशोध की भावना लिए खर-दूषण के पास पहुँचना तथा राम और खर-दूषण के बीच हुए युद्ध ने सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया इसके पश्चात शूर्पणखा का रावण दरबार में जाना और रावण द्वारा अपनी बहन का अपमान सुनकर क्रोधित होना, साथ ही मारीच को छल करने के लिए मनाना—इन प्रसंगों ने आगे आने वाली लीलाओं की भूमिका तैयार की कलाकारों में शूर्पणखा की भूमिका संदीप कुमार पदमपुर, राक्षसी शूर्पणखा की राजकुमार गिरधर, रावण की तिलक शर्मा, राम की बालकिशन गिरधर, लक्ष्मण की दिनेश शर्मा, सीता की गोपीराम राठौड़, जटायु व खर की ललित काठपाल, दूषण की छगन व्यास और अगस्त ऋषि की गोपाल कृष्ण ने निभाई मंचन का सबसे आकर्षक पल रावण का भव्य प्रवेश रहा उनकी आक्रामक शैली और गरिमामयी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को गूँजायमान कर दिया दर्शक प्रसंगों के प्रभाव और कलाकारों की दमदार अदाकारी से अभिभूत दिखाई दिए।





