ई-लर्निंग इग्नाइटिंग माइंड की तृतीय सीरीज पर विधि की समाज में उपयोगिता पर की गई चर्चा।
June 4th, 2020 | Post by :- | 175 Views

पलवल हसनपुर (मुकेश वशिष्ट) 04 जून :- एमवीएन विश्वविद्यालय ने अनूठी पहल करते हुए ई-लर्निंग इग्नाइटिंग माइंड्स सीरीज का शुभारंभ किया हुआ हैं जिसका उद्देश्य लॉकडाउन की कठिन परिस्थितियों में विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों की कैरियर काउंसलिंग करना है ताकि वो सही कोर्स चुन सकें l विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ राजीव रतन ने बताया कि प्रतिदिन विभिन्न कोर्स के प्रमुख इस सीरीज में आकर विद्यार्थियों को अपने कोर्स के बारे में विस्तार से बताएंगे उन्होंने बताया कि इस सीरीज के 3 सत्र पूरे हो चुके हैं |

एमवीएन विश्वविद्यालय की अनूठी पहल पर वीरवार को विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राहुल वार्ष्णेय से डॉ तरूण विरमानी ने विधि के सामान्य पहलुओं पर चर्चा परिचर्चा की। चर्चा का प्रारंभ करते हुए डॉ वार्ष्णेय ने बताया कि मानव के भिन्न भिन्न विधिक अधिकारों होते हैं जो विधि द्वारा मान्य और संरक्षित होते हैं। मानव अधिकार, मौलिक अधिकार, विभिन्न विधिक अधिकार इसके उदाहरण हैं।

उन्होंने बताया कि कल‌ जो हथिनी के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है उसके लिए भी भारतीय दंड संहिता द्वारा आरोपी को इस कृत्य के लिए दंड दिया जाना चाहिए।

डॉ तरूण के प्रश्न का उत्तर देते हुए डॉ वार्ष्णेय ने बताया कि एमवीएन में छात्रों को विधि विषय के व्यवहारिक पक्ष पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

एमवीएन में विधि विभाग ने डलसा, पलवल के तत्वावधान में अधिकारों का मेला का आयोजन किया गया। जिसके द्वारा आस पास के ग्रामीणों को लाभ मिला।

विधि विभाग ने 2019 में नेशनल मूट कोर्ट कांपटीशन करवाया जिसके मुख्य अतिथि भूतपूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा रहे और जिसमें देश के 12 राज्यों की टीमों ने भाग लिया।

वहीं डॉ वार्ष्णेय ने बताया कि विधि के अध्यन से व्यक्ति शशक्त बनता है‌ और अपना स्पेस खुद बनाता है।

इस अवसर पर विश्विद्यालय के कुलसचिव डॉ राजीव रतन ने बताया कि इस अवधारणा का श्रेय कुलपति प्रो० जेवी देसाई को जाता है। उन्हीं कि प्रेरणा से लॉकडाउन के समय पर छात्रों को धर बैठे ही जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

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