जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से मंगलवार को शासन सचिवालय में वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में माइंस, टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट, ज्वेलरी, रियल एस्टेट, एमएसएमई सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आगामी केंद्रीय बजट में शामिल किए जाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उद्योग प्रतिनिधियों ने पर्यटन विकास, एमएसएमई के लिए ऋण उपलब्धता, व्यापारिक दृष्टिकोण से प्रतिस्पर्धी व उपयुक्त ब्याज दर की व्यवस्था, कर प्रणाली को और अधिक सरल बनाने, महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु नई पहल, शोध एवं नवाचार कार्यों को बढ़ावा देने, नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, विभिन्न सरकारी पोर्टलों के एकीकरण एवं सरलीकरण सहित ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को सुदृढ़ करने संबंधी सुझाव दिए। श्री गालरिया ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में उद्योगों के संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण नवाचार किए गए हैं। राज्य सरकार उद्योगों को आर्थिक रूप से मजबूत व प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निरंतर वित्तीय व ढांचागत सहयोग प्रदान कर रही है। श्री गालरिया ने आश्वस्त किया कि उद्योग जगत से प्राप्त सभी सुझावों का विस्तृत विश्लेषण कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा ताकि आगामी केंद्रीय बजट में प्रदेश के उद्योग क्षेत्र से जुड़े विषयों को समुचित रूप से स्थान मिल सके।।बैठक में शासन सचिव, वित्त (राजस्व) श्री कुमार पाल गौतम, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त श्री सुरेश कुमार ओला, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री, फिक्की, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, मार्बल माइंस एसोसिएशन, गारमेंट एक्सपोर्ट एसोसिएशन, रियल स्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन, टाउनशिप एन्ड ऑनर्स डेवलॅपमेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।
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