आनंदपुर साहिब में कल श्रद्धा और शौर्य के साथ मनाया जाएगा सिखों का धार्मिक त्योहार होला मोहल्ला।
आनंदपुर साहिब में कल श्रद्धा और शौर्य के साथ मनाया जाएगा सिखों का धार्मिक त्योहार होला मोहल्ला।
जंडियाला गुरु 3 मार्च (कुलजीत सिंह) सिख पंथ का ऐतिहासिक और वीरता से ओत-प्रोत धार्मिक पर्व होला मोहल्ला कल श्री आनंदपुर साहिब में बड़े शान-ओ-शौकत और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर पहुंचकर गुरु साहिब की शिक्षाओं को नमन करेंगे।
होला मोहल्ला की परंपरा की शुरुआत दसवें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ने की थी। उन्होंने सिखों को केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक और युद्धकला में भी निपुण बनाने के उद्देश्य से इस पर्व की नींव रखी। होली के अगले दिन मनाए जाने वाले इस उत्सव के माध्यम से गुरु साहिब सिखों को संगठित कर शस्त्र पूजा करवाते और युद्ध अभ्यास कराया करते थे।
इतिहास के अनुसार, गुरु गोविंद सिंह जी ने सिखों को दो दलों में विभाजित कर युद्ध कौशल का अभ्यास करवाया, जिससे उनमें साहस, अनुशासन और एकता की भावना मजबूत हो। इसी सैन्य अभ्यास को “होला मोहल्ला” का नाम दिया गया, जो समय के साथ एक धार्मिक और ऐतिहासिक पर्व के रूप में स्थापित हो गया।
इस अवसर पर आनंदपुर साहिब में विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। गुरुद्वारों में कीर्तन दरबार सजेंगे, गतका पार्टियां हैरतअंगेज करतब दिखाएंगी और निहंग सिंह अपनी पारंपरिक वेशभूषा में शस्त्र प्रदर्शन करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यापक व्यवस्था की गई है।
होला मोहल्ला सिख इतिहास में शौर्य, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व न केवल सिखों की वीर परंपरा की याद दिलाता है, बल्कि समाज को एकजुटता, साहस और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश भी देता है।





