जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । सदाशिव ज्योतिर्लिंगेश्वर महादेव मंदिर मे भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बेर,गाजर, फूल, फल सहित कई सामग्रियां अर्पित कर पूजा अर्चना की। भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर सभी ने अपने मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। सदाशिव ज्योतिर्लिंगेश्वर महादेव मंदिर काफी प्राचीन है। इस मंदिर की मान्यता है,कि भगवान भोलेनाथ के दरबार में आने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. यहां पर दूर-दूर से भी भक्त अपनी मनोकामनाएं लिए भगवान भोलेनाथ के दरबार में धोक लगाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे भक्त भी भगवान भोलेनाथ के दरबार पहुंचे,जिनकी मनोकामनाएं पूर्ण हुई है। भक्तों की आस्था है,कि मंदिर में आने से मनोकामनाएं पूर्ण होती है। कई युवा अपने विवाह को लेकर भगवान भोलेनाथ के दरबार में मनोकामना लेकर पहुंचे,तो कई संतान प्राप्ति के लिए मनोकामना लेकर पहुंचे। कई भक्ति अपने शारीरिक दुखों का निवारण करने के लिए भी भगवान भोलेनाथ के दरबार में प्रार्थना करने पहुंचे। सदाशिव ज्याेतिर्लिगेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सचिव विष्णु नाटाणी ने बताया कि ग्वालियर माेती झील में मूर्तिकार प्रभात राय ने दाे साल में सांचा तैयार किया था और उसके बाद यह शिवलिंग बनाया गया। शिवलिंग प्राण-प्रतिष्ठा के दाैरान द्वादश ज्याेतिर्लिंग की रज भी लाई गई थी। जिसमें द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन होते हैं यानी भगवान भोलेनाथ के 12 स्वरूप यहां देखने को मिलते हैं। मंदिर का निर्माण साल 2002 में किया गया था। इससे पहले छोटा मंदिर बना हुआ था जिसका 2002 में निर्माण करवाया गया। इस मंदिर की मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ के दरबार में पूजा अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। प्रतिवर्ष यहां पर महाशिवरात्रि का मेला भरता है और भक्तों का जमघट लगा रहता है। मंदिर में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है।





