मनोज शर्मा,चंडीगढ़। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ,हरियाणा प्रान्त का 22वाँ त्रैवार्षिक प्रान्तीय अधिवेशन आत्त्मबोध से विश्वबोध का शुभारंभ हरियाणा के शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा ने एस. डी. (पी.जी.) कॉलेज पानीपत में प्रो. सारस्वत मोहन ‘मनीषी’,शरद अग्रवाल,डॉ. पूर्णमल गौड़,संतोष गर्ग की उपस्थिति में किया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा ने डॉ विनोद कुमार शर्मा द्वारा रचित काव्य संग्रह अदृश्य रंग का विमोचन भी किया। यहां काबिले जिक्र है कि डॉ विनोद शर्मा पंचकूला इकाई के अध्यक्ष हैं। काव्य इनकी प्रमुख विधा है। इनके अभी तक अट्ठाईस काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। सकारात्मक भाव की रचनाएं लिखने वाले लेखक विनोद शर्मा की रचनाएँ यहां एक और जीने की कला सिखाती है, वहीं दूसरी ओर समाज में फैली कुरीतियों और विसंगतियों को पाठकों के सामने रखकर कुठाराघात करती हैं। शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्यकार बना कोई आसान कार्य नहीं है। लिखने के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य साहित्यकार ही कर सकता है। नवीन और गुणवत्तापूर्ण विचारों से परिपूर्ण एवं परिपक्व साहित्यकार देश और समाज में सकारात्मक सोच उत्पन्न करता है। उन्होंने उपस्थित साहित्यकारों को इस अधिवेशन की बधाई दी।





