राजस्थान

जल संचय एवं भूजल स्तर बढ़ाने के लिए विकसित की जाएं जल संरचनाएं:- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित ना रखकर गांव-गांव तक पहुुंचाया जाए और जन आंदोलन बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जल संचय को बढ़ावा देने में यह अभियान महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए शहरों से लेकर ग्राम स्तर तक आमजन एवं प्रशासन की भागीदारी इस अभियान में सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान, जल संचय जन भागीदारी 2.0 और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने 25 मई को गंगा दशमी से 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक प्रदेशभर में जल संरचनाओं के पूजन-नमन के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आमजन को गंगा दशमी के धार्मिक, भावनात्मक एवं पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी जाए, ताकि जल संरक्षण को लेकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके। इसके लिए सरकार एवं समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को जल संचय के प्रति जागरूक करने के साथ ही मकानों एवं इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को और अधिक विकसित किया जाए, ताकि वर्षा के जल का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि जल संग्रहण के लिए अधिकाधिक संख्या में जल संरचनाओं का विकास एवं निर्माण किया जाए, ताकि भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके। उन्होंने ‘पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ’ को जन संदेश बनाकर गांव-गांव तक प्रचारित करने के लिए निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कुएं, तालाब एवं बावड़ी जैसी जल संरचनाओं की साफ-सफाई के साथ जीर्णोद्धार करवाया जाए और उनकी पाल पर अधिकाधिक पौधारोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित भविष्य दिया जा सके। बैठक में जल संचय जन भागीदारी 2.0 और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियानों की अब तक की प्रगति का प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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