(RGHS के मूल स्वरूप को बनाए रखने पर अड़े कर्मचारी संगठन) कर्मचारी संगठनों ने कहा-RGHS में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का करेंगे सहयोग,पर निजी कंपनियों का प्रवेश मंजूर नहीं
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) के तहत कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों, भुगतान,अस्पतालों की समस्याओं को लेकर आज सचिवालय में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता चिकित्सा प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने की। वार्ता मेंप्रमुख सचिव वित्त वैभव गालरिया, RSHAA CEO हरजीलाल अटल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारी पक्ष की ओर से अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) की ओर से प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़, संरक्षक कुलदीप यादव, उपाध्यक्ष अजयवीर सिंह सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
*बैठक के मुख्य बिंदु और गतिरोध के कारण*
*बीमा कंपनियों का विरोध: कर्मचारी नेता गजेंद्र सिंह राठौड़ ने दो टूक शब्दों में कहा कि RGHS योजना में निजी बीमा कंपनियों की घुसपैठ को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ऐसा कोई कदम उठाया, तो इसका व्यापक और सख्त विरोध किया जाएगा।
*ओपीडी सुविधाओं पर अड़ंगा: सरकार द्वारा फिलहाल ओपीडी (OPD) के बजाय केवल आईपीडी (IPD) में इलाज की सुविधा देने के प्रस्ताव को कर्मचारी नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि योजना के मूल स्वरूप से कोई समझौता नहीं होगा।
*बजट का तर्क: सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि योजना का बजट 600 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 4200 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने दावा किया कि व्यवस्था को जल्द ही सुचारू कर दिया जाएगा, लेकिन कर्मचारी प्रतिनिधि ठोस समाधान न मिलने से संतुष्ट नहीं दिखे।
*कर्मचारी संघों ने दिलाया विश्वास*
मीटिंग में कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को यह विश्वास दिलाया कि योजना को सुचारू रखने के लिए राजस्थान का कर्मचारी हर तरह से सहयोग देने के लिए तैयार है,अगर इस योजना में किसी कर्मचारी, हॉस्पिटल अथवा डॉक्टर के द्वारा किसी तरह का भ्रष्टाचार किया जाता है तो सरकार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें उसमें समस्त कर्मचारी संगठन एकजुट है और सरकार के साथ है।





