उत्तर प्रदेश

महिला आरक्षण बिल जातिगत-गणना के बाद परिसीमन लागू हो-ध्रुवचद जायसवाल

महराजगंज (एके जायसवाल), केन्द्र सरकार यह सुनिश्चित करे कि जब जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होगा तो जाति आधारित जनगणना कराकर ही परिसीमन केंद्र सरकार लागू करें महिला आरक्षण बिल जाति-आधारित जनगणना के बाद परिसीमन हो उसके बाद महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू हो जिससे संपूर्णमहिला समाज जिसमें सवर्ण पिछड़ी दलित आदिवासी अल्पसंख्यक सहित सभी महिलाओं को 33 % आरक्षण का लाभ मिल सके।

स्मरण रहे कि आधी आबादी मे लगभग 85% आबादी पिछड़ी दलित एवं आदीवासी महिलाओं की जनसंख्या है उनका हक नही छीना जा सकता है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वंय महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान अपने भाषण मे कहां जो महिलाएं घर में झाड़ू लगाती थी वह अब लोकसभा एवं विधानसभाओं में आने के लिए कतार में खड़ी है उनका कथन सत्य-प्रतिशत सही है | 27 सितंबर 2023 मे महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति अधिनियम पास किया गया था मै महासभा की ओर से ब्याज जारी किया था कि केंद्र सरकार पिछड़ों दलितों आदिवासियों की महिलाओं का हक छीना लिया यूपी के कई अखबारों में प्रकाशित भी हुआ था किन्तु ईश्वर की कृपा से उक्त बिल लागू नहीं हुआ काफी विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2023 में ही घोषणा किया कि जाति आधारित गणना करायेगी उसके बाद परिसीमन होगी किंतु पहले घर/आवास की गणना हो रही है जबकि पहले जाति आधारित गणना कराई जानी चाहिए जिससे 2028 तक जनगणना कार्य पूरा हो जाए तो सवर्ण, पिछड़ों दलितों, आदिवासियों सहित सभी महिलाओं को भी 33 % महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए परिसीमन मे सीधे तौर पर आरक्षण से लाभ मिलेगा स्मरण रहे कि केंद्र सरकार ने अचाानक महिला आरक्षण बिल मे संसोधन करते हुए 2011 के जनगणना के आधार पर परिसीमन कराने का नया बिल लाया गया था किन्तु पुनः ईश्वर की कृपा से सम्पूर्ण विपक्ष ने बिल पास नही होने दिया। उक्त ब्यान अखिल भारतीय कलवार कलाल कलार जायसवाल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ध्रुवचन्द जायसवाल ने जारी किया ।

ध्रुवचन्द जायसवाल ने केन्द्र सरकार जनसंख्या के आधार पर परिसीमन करना चाहती है तो जाति आधार आधारित गणना कराकर जनसंख्या अनुसार पिछड़ों दलितों आदिवासियों की महिलाओं को भी आरक्षण दी जाय तथा परिसीमन लागू करने की मांग महासभा जनहित में कर रही है इसलिए 2029 के लोग समय और चुनाव के पूर्व 2028 में ही हर हाल में जाति आधारित जनगणना कर ली जाए परिसीमन करके महिलाओं के लिये महिला आरक्षण बिल पास कराकर 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों मे 33 % सीटों पर आरक्षित कर दी जाय जिससे सवर्ण पिछड़ों दलितों आदिवासी सहित सभी महिलाओं को सांसद एवं विधायक बनने का सुअवसर प्राप्त हो सके।

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