चंडीगढ

*रक्षा मंत्री ने जर्मनी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से अपनी विरासत से जुड़े रहते हुए मजबूत द्विपक्षीय संबंधों में योगदान बनाए रखने का आग्रह किया*

*दोनों देशों के बीच भारतीय समुदाय सर्वाधिक सशक्‍त सेतु है*

मनोज शर्मा,चंडीगढ़। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 अप्रैल, 2026 को जर्मनी की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन बर्लिन में भारतीय समुदाय के साथ संवाद किया। उन्होंने लगभग 300,000 सक्षम भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रशंसा के साथ-साथ उन्हें दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि उनका योगदान व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विस्‍तारित है।

रक्षा मंत्री ने इस तथ्य को दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन आज पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। उन्होंने जर्मनी में मौजूद भारतीयों से वैश्विक स्तर पर भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का आग्रह किया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि 2026 जर्मनी के साथ राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक है,जो विश्वास,आपसी सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने भारतीय प्रवासियों से आग्रह किया कि वे अपनी विरासत से जुड़े रहते हुए भारत-जर्मनी साझेदारी को और मजबूत बनाने में अपना योगदान जारी रखें। उन्होंने विश्व के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सरकार के निरंतर समर्थन और सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उनके प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराया।

रक्षा मंत्री ने भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि और तकनीकी प्रगति के बारे में चर्चा करते हुए बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और डिजिटल नवाचार में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना का उद्देश्य घरेलू क्षमताओं को मजबूत करना, विनिर्माण को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।

राजनाथ सिंह ने इस संवाद को एक विशेष क्षण बताते हुए अपने पेशेवर दायित्वों के बावजूद उपस्थित होने के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का उत्‍साहपूर्ण स्वागत भारत-जर्मनी की मजबूत और बढ़ती साझेदारी का प्रतीक है।

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