जयपुर में “आध्यात्मिक विरासत संग्रहालय” का भव्य पुनः समर्पण, हजारों लोगों ने लिया दिव्यता का अनुभव
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजधानी जयपुर ने एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का साक्षात्कार किया, जब प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा “आध्यात्मिक विरासत संग्रहालय” को उसके नवीन, भव्य और अत्याधुनिक स्वरूप में पुनः समाज को समर्पित किया गया। बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित “आध्यात्मिक विरासत समारोह” आध्यात्मिकता, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का एक भव्य उत्सव बनकर सामने आया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी.के. जयंती दीदी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में विश्व मानसिक अशांति, तनाव और मूल्यों के अभाव से जूझ रहा है, जिसका समाधान केवल आत्मिक जागरूकता और आध्यात्मिक जीवनशैली में निहित है। उन्होंने कहा कि मनुष्य बाहरी उपलब्धियों में सुख खोजता है, जबकि वास्तविक शांति अपने भीतर के गुणों—शांति, प्रेम, आनंद और पवित्रता—को जागृत करने से प्राप्त होती है। उन्होंने “आध्यात्मिक विरासत संग्रहालय” को केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि आत्म-जागृति का सशक्त माध्यम बताते हुए सभी को राजयोग ध्यान अपनाने का संदेश दिया, जिससे जीवन में स्थायी शांति और संतुलन स्थापित हो सके। इस अवसर पर राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक प्रयास समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ब्रह्माकुमारी संस्थान इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। पूर्व अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष जसबीर सिंह ने संग्रहालय को सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने वाला प्रेरणास्रोत बताया। महासचिव राजयोगी करुणा भाई ने संस्थान की वैश्विक सेवाओं और आध्यात्मिक संदेश के व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डाला। वहीं जोनल हेड राजयोगिनी बी.के. सुषमा दीदी ने इसे आत्म-जागृति और जीवन परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि धार्मिक प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी बी.के. मनोरमा दीदी ने इसे आध्यात्मिक पुनर्जागरण की आधारशिला कहा। सेवाकेंद्र प्रभारी राजयोगिनी बी.के. चंद्रकला दीदी ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 45×60 वर्गफुट क्षेत्र में विकसित इस संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक और रचनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से संस्थान के इतिहास, आध्यात्मिक ज्ञान और मूल्यों को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। इसमें मेडिटेशन रूम, विभिन्न आध्यात्मिक मॉडल और प्रेरणादायक झांकियां शामिल हैं, जो आगंतुकों को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराती हैं। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य दीप प्रज्वलन से हुई, जिससे पूरे सभागार में दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। समारोह के अंत में सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई तथा उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। यह आयोजन न केवल सफल रहा, बल्कि जयपुर में आध्यात्मिक जागरूकता, सकारात्मक सोच और मूल्यनिष्ठ जीवन का मजबूत संदेश भी देकर गया।





