पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और पारदर्शिता पर रहा जोर:- डीजीपी ने जोधपुर में की अपराध समीक्षा बैठक
September 19th, 2025 | Post by :- | 47 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने आज जोधपुर पुलिस आयुक्तालय का दौरा किया और यहां पुलिस अधिकारियों के साथ एक विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में पुलिस आयुक्त, उपायुक्तों और सभी थानाधिकारियों समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आयुक्तालय में दर्ज आपराधिक मामलों की स्थिति, चुनौतियों और पुलिस द्वारा अपनाए जा रहे नवाचारों की गहन समीक्षा करना था। डीजीपी श्री शर्मा ने बैठक में कई अहम पहलुओं पर जोर दिया। उन्होंने प्रकरणों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी अनुसंधान पर जोर देते हुए पीड़ित के प्रति संवेदनशीलता पूर्वक त्वरित राहत प्रदान करने की दिशा में अनुसंधानिक कार्यवाही करने और नवीन आपराधिक कानूनों की सम्पूर्ण जानकारी रखते हुए इसके अन्तर्गत प्रभावी विधिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर मामले खासकर महिला अपराधों पोक्सो, बलात्कार और एससी और एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में निष्पक्षता और पारदर्शिता से जांच की जाए। उन्होंने केस ऑफिसर स्कीम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया ताकि महत्वपूर्ण मामलों में त्वरित कार्रवाई हो सके। बैठक के दौरान डीजीपी ने पुलिस की गश्त बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि दिन और रात की गश्त को मजबूत किया जाए ताकि आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़े। इसके अलावा उन्होंने वांछित अपराधियों जैसे कि घोषित अपराधी, मफरूर और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने का निर्देश दिया। साइबर अपराधों को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान की जाए और आम जनता को ऐसे अपराधों के प्रति जागरूक किया जाए। डीजीपी ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक साल से अधिक समय से लंबित पड़े मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। उन्होंने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए किंगपिन और सप्लायर्स की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने पुलिस स्वागत कक्षों का सही उपयोग सुनिश्चित करने और किराएदारों, घरेलू नौकरों का अनिवार्य चरित्र सत्यापन कराने की बात कही।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।