चंडीगढ

*सेना पश्चिमी कमान ने आईआईटी रोपड़ और आईआईटी कानपुर के साथ समझौते कर रक्षा-अकादमिक सहयोग को और मजबूत किया*

मनोज शर्मा,चंडीगढ़ । रक्षा नवाचार और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए, भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार,जीओसी-इन-सी के नेतृत्व में,राष्ट्रीय रक्षा अनुप्रयोगों के लिए संयुक्त अनुसंधान,नवाचार और स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए दो प्रमुख संस्थानों-आईआईटी रोपड़ और आईआईटी कानपुर के साथ रणनीतिक सहयोग को मजबूत किया है।
इस समझौते की पृष्ठभूमि में 25 फरवरी 2025 को,आईआईटी रोपड़ के 16वें स्थापना दिवस के हिस्से के रूप में,टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर फाउंडेशन(टीबीआईएफ)स्टार्टअप और इनोवेशन प्रदर्शन के लिए लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार और पश्चिमी कमान के वरिष्ठ अधिकारियों की को निमंत्रण दिया गया था।

मेजर जनरल अजय महाजन,मेजर जनरल सुनील रामपाल,ब्रिगेडियर योगेश कौरा और कर्नल दिनेश सहित प्रतिनिधिमंडल को टीबीआईएफ के निदेशक डॉ अथर्व पौंडरिक और आईआईटी रोपड़ के प्रैक्टिस प्रोफेसर लेफ्टिनेंट जनरल सुरिंदर सिंह महल (सेवानिवृत्त) ने उभरती रक्षा-केंद्रित प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी दी थी। इस कार्यक्रम में यूएवी सिस्टम,वीआर का उपयोग करने वाले एफपीवी ड्रोन,ड्रोन फोरेंसिक, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध समाधान और सामरिक बुनियादी ढांचा प्रौद्योगिकियों जैसे अभूतपूर्व नवाचार शामिल थे।
इस यात्रा का समापन आईआईटी रोपड़ और पश्चिमी कमान के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के साथ हुआ,जिसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास और क्षेत्र-तैयार नवाचार में निरंतर जुड़ाव के लिए एक संरचित ढांचा स्थापित किया।
समझौता ज्ञापन पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल और जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने वरिष्ठ संकाय और सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का विस्तार इंजीनियरिंग,भौतिक विज्ञान,जैव चिकित्सा विज्ञान और साइबर सुरक्षा सहित कई विषयों तक होगा। आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर(एसआईआईसी) और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विस्तृत दौरे में टेराक्वा यूएवी सॉल्यूशंस,माराल एयरोस्पेस और एक्सटेरा रोबोटिक्स जैसे स्टार्टअप के नेतृत्व में स्मार्ट सिस्टम,यूएवी और रियल-टाइम निगरानी में नवाचारों को प्रदर्शित किया गया था।
प्रमुख शोधकर्ताओं के साथ चर्चा में निरंतर सहयोग के माध्यम से स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों में तेजी लाने का एक साझा दृष्टिकोण अपनाया गया। ये सहयोग अकादमिक-सैन्य साझेदारी के लिए एक प्रगतिशील रोडमैप का संकेत देते हैं,जो राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए ऑपरेशनल आवश्यकताओं के साथ बौद्धिक सामर्थ्य को जोड़ते हैं।
ये समन्वित प्रयास सेना-अकादमिक तालमेल में एक नया अध्याय जोड़ते हैं – भारत के रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बदलते हैं और स्वदेशी, मिशन-आधारित प्रौद्योगिकियों को पोषित करने के लिए भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।

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चंडीगढ

*हिमाचली छात्रों का पंजाब यूनिवर्सिटी में भी पूरा बोलबाला : जय राम ठाकुर* मनोज शर्मा, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में देवभूमि स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा लॉ ऑडिटोरियम में “शोभला हिमाचल 2.0” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचली छात्र आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं और पंजाब यूनिवर्सिटी में भी उनका विशेष योगदान देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अपनी मेहनत से नई पहचान बना रहे हैं। इस अवसर पर सम्मानित अतिथियों के रूप में विधायक सुधीर शर्मा,जनक राज,डा. हंसराज,पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी,यशवंत सिंह नेगी तथा पुनीता चंब्याल उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में पूर्व डीजीपी संजय कुंडू,बैंक निदेशक योगेश कुमार भारतीय,दिनेश चौहान, संजीव ठाकुर,अरुण नेगी,ज्ञान चौहान,कर्तव्य वैद्य, भाजयुमो नेता शुभम तथा सीएमडी आईएएस अकादमी के कुलदीप सिंह शामिल रहे। मुख्य अतिथि ने देवभूमि स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की मैनेजिंग कमेटी के सदस्यों—प्रधान स्कंद शर्मा,इवेंट डायरेक्टर नरेंद्र भारद्वाज, जनरल सेक्रेटरी अमित कुमार,सलाहकार तनुज गोजीन,चेयरमैन अंशुल,हर्ष,वाइस प्रेसिडेंट देवांशू तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पंजाब यूनिवर्सिटी के ज्वाइंट सेक्रेटरी स्वस्तिक गौतम—की मेहनत की सराहना करते हुए सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान हिमाचली संस्कृति,प्रतिभा और छात्र एकता की झलक देखने को मिली, जिससे उपस्थित विद्यार्थियों में विशेष उत्साह रहा।