गजसिंहपुर,(यश कुमार) । परमानंद डिग्री कॉलेज, गजसिंहपुर में भारतीय सेना द्वारा एनएसएस के 2 दिवसीय कैंप के अंतर्गत ईएलपी के तहत ड्रोन ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए ‘डिजिटल डिवाइड’ को कम करने और उन्हें आधुनिक तकनीकी युग के लिए तैयार करने में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस शिविर से युवाओं में देशप्रेम की भावना के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी कौशल को भी बढ़ावा मिल रहा है। एनएसएस स्वयंसेवक केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर, सीधे ड्रोन उड़ाने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास मजबूत हो रहा है। कृषि, मैपिंग, आपदा प्रबंधन और निगरानी जैसे क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक की बढ़ती मांग छात्रों को नए करियर विकल्प देगी। ईएलपी के तहत यह ट्रेनिंग विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बना रही है। कार्यक्रम में HOD संदीप सिंह ने छात्रों को ड्रोन ट्रेनिंग के उद्देश्यों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अनिल प्रजापति ने भारतीय सेना की टीम का स्वागत किया और विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अनुज कुमार, मुकेश कुमार, कुलविंदर सिंह, हनुमान चौहान, ललित बागड़ी और समस्त स्टाफ गण उपस्थित रहे।
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