गजसिंहपुर,(यश कुमार)। नगरपालिका चुनाव का माहौल तो गर्म है, लेकिन चुनाव में नेतृत्व को लेकर कस्बे में एक अलग ही चिंता और चर्चा चल रही है। शहर में इस बार का चुनाव पूरी तरह से नेतृत्वहीन नजर आ रहा है। कोई भी ऐसा दमखम वाला नेता उभर कर सामने नहीं आया है जो गजसिंहपुर मंडी को नई दशा और दिशा दे सके और कस्बे के हालातों को लेकर दिल से चिंतित हो। वार्डों में भले ही करीब 200 दावेदार सक्रिय हों, लेकिन कस्बे की जनता के बीच एक ही सवाल है कि आखिर गजसिंहपुर का नेतृत्व कौन करेगा चुनाव लड़ने वाले तो बहुत हैं, पर ऐसा चेहरा नजर नहीं आ रहा जो पूरे शहर की समस्याओं को समझे और नगरपालिका को एक विजन दे सके। चुनाव महज पार्षदी तक सीमित होकर रह गया है, चेयरमैन पद के लिए बड़ा विजन वाला चेहरा गायब है। चौपालों पर आम मतदाताओं में निराशा साफ देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि पुराने चेहरों से मन भर चुका है। उन्होंने अपने कार्यकाल में कस्बे के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। वहीं, जो नए चेहरे सामने आ रहे हैं, उनमें वह दमखम और अनुभव नजर नहीं आ रहा जो नगरपालिका जैसे महत्वपूर्ण संस्थान को चला सके। हर मतदाता के मन में एक ही आस है कि काश कोई चमत्कार हो जाए जो इस गजसिंहपुर नगरपालिका को भ्रष्टाचार मुक्त बना सके। जनता एक ऐसे बोर्ड की कल्पना कर रही है जो नालियों, सड़कों, सफाई, पट्टों और दलालो के खेल से ऊपर उठकर गजसिंहपुर को एक आदर्श कस्बा बनाए। फिलहाल चुनावी शोर के बीच गजसिंहपुर की जनता मूक होकर उस नेतृत्व की तलाश में है जो दिल से गजसिंहपुर के हालातों को लेकर चिंतित हो और कस्बे को भ्रष्टाचार मुक्त व विकासयुक्त नई पहचान दे सके।
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