राजस्थान

(नशे के खिलाफ राजस्थान पुलिस की ‘लक्ष्मण रेखा’) राजस्थान पुलिस, एएनटीएफ एवं सामाजिक संगठनों का संयुक्त संकल्प – “नशामुक्त राजस्थान”

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा राज्य को नशामुक्त बनाने की दिशा में चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी अभियान “प्रोजेक्ट लक्ष्मण रेखा” के तृतीय चरण का राज्यव्यापी आयोजन सोमवार को किया गया। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन एवं एएनटीएफ के महानिरीक्षक श्री विकास कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष अभियान में पुलिस, गैर-सरकारी संगठनों, शिक्षण संस्थानों तथा आमजन ने मिलकर नशे के विरुद्ध एकजुटता का परिचय दिया। महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून प्रवर्तन की नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी की भी है। इसी सोच के साथ राजस्थान पुलिस एक ओर नशा तस्करों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान भी चला रही है। उन्होंने कहा कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन का सामूहिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि प्रोजेक्ट के तृतीय चरण के तहत राजस्थान के विभिन्न जिलों में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं अन्य शैक्षणिक परिसरों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों, उसके सामाजिक एवं पारिवारिक परिणामों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रमों में पोस्टर प्रदर्शन, व्याख्यान, संवाद सत्र, नुक्कड़ नाटक तथा शपथ ग्रहण जैसे विभिन्न माध्यमों से युवाओं को जागरूक किया गया। महानिरीक्षक पुलिस एएनटीएफ श्री विकास कुमार ने बताया कि राजस्थान पुलिस केवल मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में जागरूकता पैदा करने के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। इसी सोच के तहत नशा मुक्ति क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को अभियान से जोड़ा गया है।
*5410 लोगों की सहभागिता, 180 छात्र स्वयंसेवक और 50 शिक्षक योद्धा बने*
अभियान के दौरान पूरे राज्य में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 5,410 सहभागियों ने भाग लिया। इनमें 180 छात्र स्वयंसेवकों तथा 50 शिक्षक योद्धाओं का चयन किया गया, जो अपने-अपने संस्थानों एवं समुदायों में नशा विरोधी जनजागरूकता अभियान को आगे बढ़ाएंगे। कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आमजन को नशा नहीं करने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई।
*500 मीटर नशामुक्त सुरक्षा घेरा*
प्रोजेक्ट लक्ष्मण रेखा के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर क्षेत्र को विशेष निगरानी एवं जागरूकता के माध्यम से नशामुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री, प्रचार-प्रसार अथवा सेवन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को नशीली गतिविधियों की गोपनीय सूचना देने के लिए शिकायत पेटिकाएं स्थापित की जा रही हैं।
*राजस्थान के कोने-कोने में जागरूकता कार्यक्रम*
एएनटीएफ की विभिन्न चौकियों एवं थानों द्वारा स्थानीय पुलिस, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। सर्वाधिक सहभागिता जयपुर क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां लगभग 650 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
*प्रोजेक्ट लक्ष्मण रेखा के तहत आयोजित कार्यशालाओं का भावुक फीडबैक*
मुक्तिवीरों की दास्तां सुन आंखें हुईं नम: कार्यक्रम के सबसे संवेदनशील पल में उन मुक्तिवीरों ने अपने अनुभव साझा किए, जो कभी नशे के दलदल में बर्बाद हो चुके थे। जब उन्होंने अंधकारमय अतीत से निकलकर एक खुशहाल जीवन की ओर लौटने का अपना संघर्ष बयां किया, तो वहां मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों की आंखें नम हो गईं।
*लघु नाटिका ने झकझोर कर रख दिया* ‘दर्पण कला मंच’ द्वारा नशे के कारण हंसते-खेलते परिवारों की तबाही पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके मर्मस्पर्शी दृश्यों ने युवाओं के दिलों को गहराई से झकझोर दिया।
*तस्करों को बेनकाब करने का दृढ़ संकल्प* इस भावुक माहौल के बीच सभी ने एक सुर में नशा बेचने वाले अपराधियों की सूचना बिना किसी डर के पुलिस की ‘शिकायत पेटिकाओं’ में डालने की सहमति दी। उपस्थित जनसमुदाय ने इस अभियान को गांव-गांव,ढाणी-ढाणी तक पहुंचाकर राजस्थान को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

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