महराजगंज (एके जायसवाल), पिछड़े वैश्य समाज के सभी वर्गो के लोगों के चौमुखी विकास हेतु योजनाएं खास-कर छात्रों/छात्राओं के लिए एवं महिलाओं एवं युवा नेताओं को सत्ता मे हिस्सेदारी लेने के लिए वैश्य बाहुल्य सीटों पर अवश्य चुनाव लडे़ एवं केन्द्र सरकार/ राज्य सरकारों ने पिछड़े वर्गो के लाभकारी योजनाओ का लाभ पाने के लिए राजनैतिक जागरुकता जरुरी है तथा विशेषकर युवाओं एवं महिलाओ को सत्ता मे हिस्सेदारी लेने हेतु मात्र एक ही रास्ता है कि विधानसभा एवं लोकसभा लोकसभा चुनावों में चुनाव लडे़ या चुनाव लडा़यें दूसरा कोई भी विकल्प नही दिखाई दे रहा है।
आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों मे एतिहासिक निर्णय लेने के लिए साहसिक निर्णय लेकर ही पिछड़े वैश्य समाज को सत्ता के हिस्सेदारी सुनिश्चित करते हुए गांधीवादी तरीके से अपना योगदान देकर वैश्य समाज के लोगों को सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित करना होगा।उक्त ब्यान अखिल भारतीय कलवार कलाल कलार जायसवाल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ध्रुवचन्द जायसवाल ने दी।
ध्रुवचन्द जायसवाल ने कहा कि अपने कुछ महत्वपूर्ण सहयोगियों से गहन विचार-विमर्श करने के बाद निर्णय लिया गया कि अगामी 2027 के विधानसभा चुनाव तक चुनाव आयोग नई दिल्ली मे रजिस्ट्रेशन कराने हेतु अभियान स्थगित कर दिया गया है। सत्ता एवं विपक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्षों, प्रान्तीय अध्यक्षों एवं वरिष्ठ नेताओं से मिलने का कार्यक्रम जारी रहेगा पहले चरण मे भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष, प्रांतीय अध्यक्षों एवं वरिष्ट पदाधिकारियों से मिलकर अपने हक व हिस्सा तर्क-संगत न्यायोचित तरीके से अवगत कराया जायेगा। तथा उत्तर प्रदेश के विधानसभा के 90 सीटों एवं लोकसभा के 17 सीटों पर वैश्य समाज की बाहुल्यता है चुनाव मे जीत-हार के निर्णायक भूमिका में पिछड़े वैश्य मौजूद है इसे नकारा नहीं जा सकता पिछड़े वैश्यों की बाहुल्यता उक्त सीटों पर सत-प्रतिशत है अवगत कराया जायेगा।
ध्रुवचन्द जायसवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित जिन जिन राज्यों मे विधानसभा चुनाव होने है पिछड़े वर्गो के वैश्य परिवारों के लोग चुनाव लडे़ंगे या चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की हर स्तर से सहयोग करने को तैयार है। उत्तर प्रदेश के वैश्य बाहुल्य कई सीटों पर पिछड़े वैश्य समाज के प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने की तैयारियां कर रहे है यह शुभ संकेत है तथा सकारात्मक परिणाम दिखाई देने की पूरी सम्भावना है।




