गजसिंहपुर,(यश कुमार)। पिछले दस दिनों से चल रहा नगरपालिका विवाद मंगलवार को दोनों पक्षों के समझौते के पश्चात समाप्त हो गया। मंगलवार सुबह भाजपा नेता प्रदीप बोथरा की मध्यस्थता में दोनों पक्ष एक साथ बैठे। बैठक में अधिशासी अधिकारी लाजपत बिश्नोई व पालिकाध्यक्ष संदीप पेड़ीवाल व पार्षदों ने भाग लिया। बैठक में दोनों पक्ष बिना किसी शर्त, बिना किसी माफी और बिना एक-दूसरे पर दोषारोपण किए साथ मिलजुल कर काम करने पर सहमत हो गए। इस बैठक में कस्बे के हित व विकास में मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया। समझौते के बाद कस्बे में खुशी का माहौल है। ज्ञातव्य है कि पिछली नगरपालिका बैठक में EO के उपस्थित न रहने पर नगरपालिका के सभी कक्षों व कार्यप्रणाली का पालिकाध्यक्ष संदीप पेड़ीवाल व पार्षदों ने अवलोकन किया। इस दौरान एक कक्ष का ताला बंद होने पर उसे EO लाजपत बिश्नोई का विश्राम कक्ष बताया गया। तब पालिकाध्यक्ष संदीप पेड़ीवाल ने चाबी मांगी तो स्टाफ ने चाबी EO के पास होना बताया। EO से फोन पर चाबी मांगने पर उन्होंने चाबी देने से इनकार कर दिया। इस पर पालिकाध्यक्ष संदीप पेड़ीवाल ने कांग्रेस पार्षदों व कार्यकर्ताओं के साथ उस कक्ष के बाहर धरना लगा दिया। रात्रि समय कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायक रूपेन्द्र सिंह कुन्नर ने वहां पहुंचकर भारत माला रोड जाम करने की चेतावनी दी तो तहसीलदार ने पालिका कर्मचारी गोपाल शर्मा से ताला तुड़वा दिया। इस समय प्रशासन के साथ पुलिस भी मौजूद थी। परन्तु अगले दिन EO लाजपत बिश्नोई ने नगरपालिका अध्यक्ष संदीप पेड़ीवाल व पार्षदों तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ताला तोड़ने, सामान खुर्द-बुर्द करने, सरकारी काम में बाधा का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवा दिया, जबकि ताला प्रशासन ने पालिका कर्मचारी से तुड़वाया था। इस संबंध में विवाद बढ़ने पर पुलिस अधीक्षक व जिला कलेक्टर तक को शिकायत की गई व EO के विरोध में सोमवार को पूरा कस्बा भी बंद रहा। परन्तु मंगलवार को सौहार्दपूर्ण वातावरण में गिले-शिकवे दूर कर एक साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया, जिससे नगरपालिका का गतिरोध समाप्त हो गया है।
कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।


