गजसिंहपुर,(यश कुमार)। निकाय चुनाव के दौरान मतदाताओं ने तो वोट देकर अपना धर्म निभा दिया और इसके बाद पार्षद चुने भी जा चुके हैं। अब बारी चुने हुए पार्षदों की है, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं के साथ अपने-अपने वार्ड में भरपूर विकास कार्य करवाने के वायदे किये थे। जनता ने उनकी बातों पर विश्वास करके मतदान करने में कहीं कोई कमी नहीं छोड़ी। कीमती वक्त निकालकर उन्होंने कतारों में खड़े रहकर मतदान किया अब सभी को उम्मीद है कि चुने हुए पार्षद जरूर वायदों पर खरा उतरेंगे। हालांकि गजसिंहपुर नगरपालिका में किसका बोर्ड बनेगा, इसका पता आने वाले दिनों चल जाएगा। बोर्ड बनने को लेकर अलग-अलग तरह के कयास ही लगाये जा रहे हैं। हालांकि बोर्ड बनने से पहले जीतने वाले अधिकांश पार्षदों की बाड़ेबंदी चल रही है। हालांकि इस बार के निकाय चुनाव काफी देरी से हुए है, जिसकी वजह से अधिकांश जगहों पर विकास कार्य पूरी तरह से ठप रहे। ज्यादातार वार्डों में समस्याओं के अम्बार लगे हुए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों ने वोटरों के साथ लोक-लुभावने वायदे किये। किसी ने वार्ड को पूरी तरह से खुशहाल बनाने का दावा किया, तो किसी ने स्वच्छ, साफ-सुथरा और हरा-भरा वार्ड बनाने का वायदा किया। किसी ने अपने-अपने वार्ड को पूरी तरह से नशामुक्त करने की बात कही, तो किसी ने सड़कें-नालियों का निर्माण करवाने का भी वायदा किया। यानी वायदे करने में प्रत्याशियों ने भी कोई कमी नहीं छोड़ी।
अब देखना यह है कि कौन-कौन पार्षद चुनाव प्रचार के दौरान जनता से किये गये वायदों पर खरा उतरता है और कौन-कौन सा पार्षद जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। जनता तो यही चाहती है कि उनके कीमती वोट की कद्र हर पार्षद करे बहुत से लोगों को यह भी चिंता सता रही है कि कहीं उनके द्वारा चुने गये पार्षद उनके कीमती वोट की बेकद्री ना कर डाले। बात समस्याओं की करें, तो गजसिंहपुर नगरपालिका के अधिकांश वार्डों के लोग तमाम तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। कहीं-कहीं तो पेयजल की किल्लत से लोग परेशान है। बहुत से वार्डों में स्वच्छ पेयजल की सप्लाई नहीं होने की बातें भी सामने आ रही है। बहुत से वार्डों में कचरा उठाव की व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है, तो अनेक जगहों पर नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं हो रही। आवारा श्वानों की वजह से भी आए दिन हादसे हो रहे हैं। हालांकि आवारा श्वानों की समस्या से निजात दिलाने के लिए क्षेत्र में पहले भी प्रयास किए जा चुके हैं लेकिन असफल रहे समस्या आज भी ज्यो की त्यों बनी हुई हैं इसके अलावा क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या बढ़ती नशा प्रवृत्ति है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि ज्यादातर वार्डों में नशे ने पांव पसार रखे हैं। आये दिन कहीं ना कहीं अधिक नशा करने से युवाओं की मौत होने के मामले भी सामने आ रहे हैं। बढ़ती नशा प्रवृत्ति के कारण आपराधिक वारदातें भी लगातार बढ़ती जा रही है। चोरी-चकारी की वारदातें भी आम होने लगी हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ आए दिन कार्यवाही भी की जा रही है। इसके बावजूद नशे की बिक्री पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही। मेडिकल नशा, पोस्त जैसे मादक पदार्थ युवाओं को लील रहे हैं और उनके परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच रहे हैं। चोरी-चकारी, छीना-झपटी की बढ़ती वारदातों से लोगों में असुरक्षा के भाव भी देखने को मिल रहे हैं नशे के अलावा अनेक वार्डों में बिजली की समस्या भी बनी हुई है। स्ट्रीट लाइटों के अभाव अथवा लाइटों के खराब होने के कारण कई वार्डों में रात्रि को घोर अंधेरा छा जाता है, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठाते हैं। इसलिए चुने हुए पार्षदों को चाहिए कि वे बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए भी अहम भूमिका निभाएं एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था को सुचारु करवाए ।
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