जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । गणेश चतुर्थी पर छोटी काशी जयपुर के गणेश मंदिरों में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ने लगा है। राजधानी के प्रमुख गणेश मंदिरों में भगवान श्रीगणेश के जन्मोत्सव को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं।
दिल्ली रोड स्थित बंगाली बाबा गणेश मंदिर में दो दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव को धूमधाम से मनाया गया। मंदिर प्रबंध समिति के मुख्य संरक्षक रघुवीर शरण अग्रवाल, अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल व उपाध्यक्ष संजय पतंग वाला व कोषाध्यक्ष विष्णु अग्रवाल ने बताया कि 13 सितंबर को सुबह 9 बजे प्रथम पूज्य गणेशजी का पंचामृत अभिषेक हुआ।
इसके बाद सुबह 10 बजे सिंदूर अर्पण तथा 11 बजे सौभाग्य देवी पूजन,चंद्रार्चन, मेहंदी व सौभाग्य अर्चन किया गया। भक्तों को मेहंदी वितरित करने के साथ महिलाओं को मेहंदी भी लगाई गई। महामंत्री गणेश लूनीवाल व कोषाध्यक्ष विष्णु अग्रवाल ने बताया कि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर सुबह 5 बजे गणेशजी को मोदक अर्पित किए गए। दोपहर 1 बजे महाआरती व बैंड वादन हुआ तथा गणेशजी का आकर्षक शृंगार किया गया। महोत्सव में श्रद्धालुओं के लिए 2500 किलो लड्डुओं की प्रसादी वितरित की गई। इसके लिए करीब 1000 किलो चीनी, 400 किलो घी और 400 किलो बेसन का उपयोग किया गया। मंदिर को रंगबिरंगी रोशनीयों
से सजाया गया।
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मोदकों की विशेष झांकी सजाई गई। मोती डूंगरी मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि ये मोदक 3000 किलो घी सहित 16,000 किलो सामग्री से तैयार किए गए हैं। उत्सव का प्रमुख आकर्षण मोदकों की झांकी रही। जिसमें 251-251 किलो के 2 विशाल मोदक, 51-51 किलो के 5 मोदक, 21-21 किलो के 21 मोदक और सवा किलो के 1100 मोदक सजाए गए। इसके अलावा हजारों छोटे मोदक भी झांकी का हिस्सा रहे।
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