नई दिल्ली, 23 अगस्त 2026 : बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक लगाने वाले BCI के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
14 अगस्त को सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, “छात्रों को विरोध करने का अधिकार है। उन्हें कौन रोक सकता है? ये मेरे और छात्रों के बीच का संवाद है, BCI कौन होता है इसमें दखल देने वाला?”सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि BCI या कोई भी स्टेट बार काउंसिल NALSAR के छात्रों और फैकल्टी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या आपराधिक कार्रवाई नहीं करेगी। साथ ही BCI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।केरल हाईकोर्ट ने भी लगाई रोक।
इससे पहले 31 जुलाई 2026 को केरल हाईकोर्ट ने भी BCI के एक अन्य आदेश पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि बिना चुनाव वाले सदस्य को स्टेट बार काउंसिल का अध्यक्ष बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।इन दोनों आदेशों के बाद BCI की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और वकीलों द्वारा सुधार की मांग तेज हो गई है।
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