यमुनानगर में ‘वार्तालाप’ कार्यशाला का आयोजन; कल्याणकारी योजनाओं और 12 वर्षों की उपलब्धियों पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श
June 30th, 2026 | Post by :- | 17 Views

केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में साबित हुई मील का पत्थर: सुश्री प्रीती उपायुक्त, यमुनानगर

■ पीएम सूर्य घर योजना से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आई नई क्रांति: नवीन कुमार अहुजा, एडीसी, यमुनानगर

■ पीएमएसएम योजना से यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में आई भारी गिरावट: डॉ. दिव्या मंगला, सिविल सर्जन, यमुनानगर

यमुनानगर/चंडीगढ़ , lokhit Express। 30 जून, 2026 ( तरुण शर्मा ) : पत्र सूचना कार्यालय (PIB), चंडीगढ़ द्वारा हरियाणा के यमुनानगर में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला, ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के 12 वर्षों की उपलब्धियां” था, जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और पिछले 12 वर्षों में हासिल किए गए महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

यमुनानगर के उपायुक्त, सुश्री प्रीति, मुख्य अतिथि के रूप में ‘वार्तालाप’ में शामिल हुईं। कार्यशाला में मीडिया जगत के प्रतिष्ठित पत्रकारों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।

अपने संबोधन में यमुनानगर की उपायुक्त, सुश्री प्रीति, आईएएस ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं ने नागरिकों, विशेष रूप से समाज के अंतिम छोर पर मौजूद लोगों के जीवन को काफी आसान और समृद्ध बनाया है। उन्होंने जिले के सभी विभागों के ठोस प्रयासों की सराहना की और विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए प्रशासन और मीडिया के बीच निरंतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, मुद्रा योजना, पीएम किसान सम्मान निधी योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में बहुत उपलब्धियां हासिल की हैं।इस दौरान मीडियाकर्मियों के साथ चर्चा करते हुए उपायुक्त महोदया ने पत्रकारों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सामाजिक ज़िम्मेदारी को ध्यान में रखने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न पीढ़ियों के लोग, युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई मोबाइल फोन और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है, इसलिए, यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं। उन्होंने लोगों, विशेषकर मीडियाकर्मियों से अधिक सतर्क रहने और सोशल मीडिया के सकतरात्मक उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।इस मौके पर श्री नवीन कुमार अहुजा, अतिरिक्त उपायुक्त, यमुनानगर, ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इन कल्याणकारी योजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, और रोज़गार सृजन में सराहनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं।कार्यशाला को संबोधित करते हुए, श्री पुनीत सक्सेना, आईआईएस, पीआईबी मुख्यालय, दिल्ली ने इस बात का संक्षिप्त विवरण दिया कि पीआईबी फैक्ट चेक इकाई कितनी कुशलता से काम करती है और पत्र सूचना कार्यालय जनता और सरकार के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी तरह, श्री अहमद खान, आईआईएस, मीडिया एवं संचार अधिकारी, पीआईबी चंडीगढ़ ने वार्तालाप के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से जनकल्याण की योजनाओं को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने में यह एक सार्थक कदम है। उन्होंने क्षेत्र में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाली विभिन्न मीडिया इकाइयों की संरचना और कामकाज पर विस्तृत पेशकारी प्रस्तुत की, और जमीनी स्तर तक विकास से संबंधित जानकारी को प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका पर जोर दिया।कार्यशाला के दौरान, विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा पिछले 12 वर्षों के अपने-अपने रिपोर्ट कार्ड और उपलब्धियों को प्रस्तुत करने के लिए कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसी कड़ी के तहत यमुनानगर के सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला और उप सिविल सर्जन, डॉ. चारू कालरा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY), आयुष्मान भारत, टीबी मुक्त भारत अभियान और एचपीवी टीकाकरण सहित प्रमुख स्वास्थ्य पहलों पर व्यापक प्रगति रिपोर्ट साझा की।

डॉ. दिव्या मंगला ने रेखांकित किया कि यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है और इसका बड़ा श्रेय प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY) को जाता है। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि अप्रैल से यमुनानगर के सरकारी अस्पतालों में एक भी मातृ मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। एचपीवी टीकाकरण के बारे में उन्होंने कहा कि यमुनानगर का लक्ष्य चार्ट में शीर्ष पर रहना नहीं है बल्कि 100% उपलब्धि हासिल करना है, क्योंकि वे एक भी लड़की को पीछे नहीं छोड़ना चाहते हैं। डॉ. कालरा ने यह भी बताया कि जिले में लिंग अनुपात में भी सराहनीय काम किया गया है और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

इस दौरान जिला परिषद, यमुनानगर के श्री मनोज कुमार, एपीओ, डीआरडीए ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत हासिल किए गए परिवर्तनकारी संरचनात्मक सुधारों और ग्रामीण आवास के सफल कार्यान्वयन पर जानकारी साझा की। इसके साथ वित्तीय सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यमुनानगर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), श्री सुभाष चंद ने मुद्रा (MUDRA) योजना और स्टैंड अप इंडिया के बारे में बताते हुए कहा कि ने स्थानीय युवाओं और उभरते उद्यमियों के बीच आत्मनिर्भरता को बल मिला है।

सी तरह एमएसएमई विभाग के औद्योगिक विस्तार अधिकारी श्री रोहित टिंडल ने औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (FME) के माध्यम से उत्पन्न आजीविका के नए अवसरों के बारे में जानकारी दी।

कृषि विभाग, यमुनानगर के वरिष्ठ अधिकारी श्री आदित्य प्रताप ने भी पिछले 12 वर्षों के कृषि सुधारों पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से ‘प्राकृतिक खेती’ को बढ़ावा देने और अनूठी जल संरक्षण पहल, ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ की सफलता पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि अब तक प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रति किसान 30,000 रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जल को एक विरासत माना है और इसे सुरक्षित करने के लिए सरकार ने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि राज्य में कम पानी का उपयोग करने वाली खेती करने वाले किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ से पुरस्कृत किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जिला पराली जलाने को कम करने के लिए कुशलतापूर्वक काम कर रहा है, अब योजनाओं एवं सरकार के प्रयासों के कारण पराली ‘वेस्ट से वेल्थ’ के रूप में परिवर्तित हो रही है। उन्होंने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल की भी सराहना की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह इस योजना से किसानों को यूरिया प्राप्त करने में मददगार साबित हुई है एवं यूरिया की कालाबाज़ारी पर भी रोक लगी है। इससे सरकार एवं किसानों को काफी मुनाफा हुआ है।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के प्रतिनिधि ने कहा कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ सौर ऊर्जा और हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा हासिल करने में मददगार साबित हुई है।

कार्यशाला का समापन श्री अहमद खान, मीडिया एवं संचार अधिकारी, पीआईबी चंडीगढ़, द्वारा दिए गए औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने इस कार्यक्रम को एक बड़ी सफलता बनाने के लिए जिला प्रशासन और पत्रकारों कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

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