गजसिंहपुर,(यश कुमार)। स्थानीय गंदे नाले की सफाई में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद काम में भारी भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगे हैं। कस्बेवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिला कलेक्टर से मिलकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। पूर्व पार्षद जगदीश यादव व सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य मांगी लाल विश्नोई के नेतृत्व में जिला कलेक्टर व अतिरिक्त जिला कलेक्टर से मिले प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नगरपालिका ने गंदे नाले की सफाई व मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए हैं। आरोप है कि सफाई के नाम पर सिर्फ लीपापोती कर खानापूर्ति की गई है। नाले की हालत काम के बाद पहले से भी बदतर हो गई है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि नाले की साइडों में तोड़फोड़ कर जो मरम्मत कार्य किया गया है उसमें बिना सीमेंट व मसाले के हल्की और कमजोर ईंटें लगाई गई हैं। हालात यह हैं कि आते-जाते वाहनों के दबाव से यह मरम्मत एक माह से भी कम समय में टूटने लगी है। कस्बेवासियों ने मौके पर ठेकेदार फर्म का भारी विरोध किया, लेकिन ठेकेदार ने कोई परवाह नहीं की और गुणवत्तापूर्ण सामग्री इस्तेमाल किए बिना ही भुगतान उठा लिया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले की शिकायत नगरपालिका में कई बार की गई, लेकिन आज तक कोई तकनीकी विशेषज्ञ या अधिकारी मौके पर जांच करना तो दूर, देखने तक नहीं आया। नगरपालिका की इस उदासीनता से लोगों में भारी रोष है। प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की जांच सार्वजनिक निर्माण विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों से करवाई जाए और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को मामले में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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