(एक बेटी की श्रद्धांजलि और एक वैश्विक मुहिम) “मेवाड़ की राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार” ने छेड़ी डायबिटीज़ स्टिग्मा के खिलाफ लड़ाई
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । जयपुर से एक अहम वैश्विक पहल की शुरुआत करते हुए मेवाड़ राजघराने की राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार ने शुक्रवार को ‘ग्लोबल समिट टू एंड डायबिटीज़ स्टिग्मा’ में भावुक और प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने सम्मान, अपने अनुभव और संवेदनशीलता को इस वैश्विक अभियान के केंद्र में रखा। यह समिट ‘द फ्रेंड्स ऑफ मेवाड़ संस्था के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है, जिसकी स्थापना स्वयं पद्मजा ने की है पांच साल की उम्र से टाइप-1 डायबिटीज़ के साथ जी रहीं पद्मजा ने अपने 40 साल के अनुभव के आधार पर कहा कि अब समय आ गया है कि डायबिटीज़ को देखने का नजरिया बदला जाए। उन्होंने कहा,“40 साल बाद अब हमें इस भेदभाव से आज़ादी मिलनी ही चाहिए,इससे कम कुछ भी स्वीकार नहीं।”





