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नगर निगम का कार्यकाल पूरा परन्तु शहर में लग रहे पूर्व पदाधिकारियों के नाम के साइन-बोर्ड को नहीं हटाया गया।।।

अम्बाला :अशोक शर्मा। निवर्तमान अम्बाला नगर निगम सदन का संवैधानिक और वैधानिक पांच वर्ष कार्यकाल, जो 14 जनवरी 2021 से आरम्भ हुआ था, वह पिछले माह 13 जनवरी 2026 को पूरा हो गया।
बहरहाल, गत माह प्रदेश सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी एक आदेशानुसार अम्बाला नगर निगम के अगले आम चुनाव सम्पन्न होने उपरान्त नव-निर्वाचित सदन की पहली बैठक आयोजित होने तक नगर निगम में तैनात कमिश्नर को निगम का एडमिनिस्ट्रेटर (प्रशासक ) नियुक्त किया गया है. अत: 14 जनवरी 2026 से अम्बाला नगर निगम के मौजूदा कमिश्नर, वीरेंद्र लाठर, जो 2014 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी हैं, वह अम्बाला नगर निगम के प्रशासक हैं.
शहर निवासी हाईकोर्ट एडवोकेट और म्युनिसिपल कानून जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि गत माह 14 जनवरी से अम्बाला नगर निगम की तत्कालीन मेयर, तत्कालीन सीनियर डिप्टी मेयर, तत्कालीन डिप्टी मेयर और निगम क्षेत्र के सभी 20 वार्डों से निर्वाचित नगर निगम सदस्यों ( जिसे आम तौर पर पार्षद/कौंसलर कहा जाता है हालांकि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 में यह शब्द नहीं है) सभी पूर्व / भूतपूर्व हो गये हैं। 14 जनवरी 2026 से वह सभी पूर्व पदाधिकारी अपने नाम के आगे अपने निवर्तमान पदनाम अर्थात मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर या न.नि. सदस्य का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। यही नहीं, वह सभी अपने पूर्व पदनामों की रबड़ स्टाम्प /मुहर लगाकर अपने वार्ड के निवासी किसी व्यक्ति का कोई भी दस्तावेज आदि सत्यापित (अटेस्ट) नहीं कर सकते है. यह पूछे जाने पर कि क्या अगले आम चुनाव होने तक क्या नगर निगम के पूर्व पदाधिकारी कार्यवाहक के तौर पर ऐसा सकते हैं, इस पर हेमंत ने बताया कि चूँकि हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए प्रदेश सरकार चाहकर भी पूर्व नगर निगम पदाधिकारियों का कार्यकाल अगले आम चुनाव सम्पन्न होने बढ़ा नहीं सकती है.
हेमंत ने बताया कि यह अत्यंत आश्चर्यजनक है निवर्तमान अम्बाला नगर निगम का पांच वर्ष कार्यकाल पूरा होने के एक महीने बाद भी आज तक अम्बाला नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर पूर्व मेयर का फोटो/ चित्र और पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और निगम क्षेत्र के सभी 20 वार्डो से निर्वाचित नगर निगम सदस्यों और साथ साथ तीनो मनोनीत सदस्यों के नाम और विवरण को सार्वजनिक प्रदर्शित किया जा रहा है जिसकी अब कोई आवश्यकता नहीं है। नगर निगम की वेबसाइट पर कमिश्नर वीरेंद्र लाठर का निगम प्रशासक के तौर पर भी उल्लेख नहीं किया गया है. यही नहीं शहर के निगम क्षेत्र के सभी 20 वार्डों के चौक-चौराहों-गलियों-मोहल्लो आदि में नगर निगम प्रशासन द्वारा पूर्व पदाधिकारियों के नाम और पदनाम के लगाये गये साईन-बोर्ड ज्यों के त्यों लगे हैं एवं आज तक न उन्हें हटाया गया है और न ही उन्हें पेंट कर साफ़ किया गया है. कार्यकाल पूरा होने के बाद नगर निगम प्रशासन द्वारा लगाये गये साईन-बोर्ड पर पूर्व पदाधिकारियों के नाम और पदनाम कायम रहना पूर्णतया गलत है।

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