जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । अमर शहीद हेमू कालानी के 83वें बलिदान दिवस के अवसर पर भगवान श्री झूलेलाल मंदिर,सेक्टर-6, जोन-64, हीरापथ, मानसरोवर में भारतीय सिंधु महासभा के अध्यक्ष गोपालदास लालवानी की अध्यक्षता में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व हिंदू परिषद के धर्मप्रसार प्रांत प्रमुख सीएम भार्गव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि दलीप खुशियानी विशेष सान्निध्य में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित सभी बंधु-भगिनियों ने शहीद हेमू कालानी के चित्र पर फूलमाला अर्पित कर पुष्पांजलि दी और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्य अतिथि सीएम भार्गव ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी मां भारती को अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले नौजवान शहीदों को याद किया जाएगा, तब सिंध के वीर पुत्र हेमू कालानी का नाम सदैव प्रथम पंक्ति में अंकित रहेगा। मात्र 19 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष करते हुए फांसी के फंदे पर झूलकर अमर बलिदान दिया।
भारतीय सिंधु महासभा के अध्यक्ष गोपालदास लालवानी ने अतिथियों का परिचय देते हुए शहीद हेमू कालानी के जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने सिंधु संस्कृति की महान विरासत के संरक्षण के लिए शहीदों के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करने और उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में रितिका तोलानी, टेकचंद रेवानी, नरेंद्र मेहरचंदानी, आरती लखानी, राजकुमार लखानी, लीलाराम, खुशहालचंद तोलानी, किशन पुलवानी सहित अनेक समाजसेवी बंधु-भगिनियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यह कार्यक्रम सिंधी समाज द्वारा शहीद हेमू कालानी के अदम्य साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च त्याग को याद करने का एक भावुक प्रयास था, जो युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों से प्रेरित करने में महत्वपूर्ण रहा।





