मनोज शर्मा,चंडीगढ़। महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल,दरिया (चंडीगढ़) के विद्यार्थियों ने पर्यावरण विभाग,चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से नेपली फॉरेस्ट का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने वनों और वन्य जीवों की महत्ता को नज़दीक से समझा और प्रकृति के प्रति जागरूकता प्राप्त की। भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि वन ही वन्य जीवों का प्राकृतिक आश्रय और भोजन स्थल हैं। वन क्षेत्र में पशु-पक्षी सुरक्षित और संतुलित जीवन जीते हैं। विद्यार्थियों ने यह भी जाना कि पेड़-पौधे पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा स्वस्थ जीवन के लिए ताज़ी और प्रदूषण-मुक्त हवा अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को जानकारी दी गई कि शहरीकरण के कारण वनों का क्षेत्र लगातार सिमटता जा रहा है।
पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से वन्य जीव अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर मानव बस्तियों की ओर आने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे मनुष्य और जानवर—दोनों का जीवन प्रभावित होता है। विद्यार्थियों ने कहा कि वन और वन्य जीव हमारी अमूल्य सम्पदा हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पुस्तकों में वनों के बारे में पढ़ा तो था, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव से वनों और वन्य जीवों के प्रति उनका लगाव और भी बढ़ गया है। बच्चों ने यह भी कहा कि पशु-पक्षी हमारे मित्र हैं और उनकी देखभाल करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। इन्हीं से प्रकृति की सुंदरता में चार चाँद लगते हैं। इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों का पूरा मार्गदर्शन किया। विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वनों और वन्य प्राणियों की महत्ता से अवगत कराना तथा उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था।





