गजसिंहपुर,(यश कुमार)। श्री महावीर ड्रामेटिक क्लब द्वारा आयोजित रामलीला में बाली वध और लक्ष्मण मूर्च्छा प्रसंग का अद्भुत मंचन किया गया लीला का शुभारंभ मां दुर्गा जी की आरती से हुआ इस अवसर पर पुलिस थाना प्रभारी स. हरबंश सिंह, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थांदेवाला के प्रधानाचार्य स. गुरचरण सिंह मोमी, सुखमनी कलेक्शन के स. सुरजीत सिंह डंग और विद्युत निगम गजसिंहपुर के स. गुरदयाल सिंह ,मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे क्लब की ओर से सभी का मल्यार्पण और सम्मान प्रतीक भेंट कर स्वागत-सम्मान किया गया लीला आयोजन में विशेष सहयोग के लिए पवन कुमार (पुलिस विभाग) का स्वागत,सम्मान किया गया मुख्य अतिथि स. हरबंश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक है उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा एक ऐसा रोग है जो न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है यदि हमारे आस-पड़ोस या परिवार में कोई नशे की गिरफ्त में है तो हमें उसे प्रेम और सहयोग से सही मार्ग पर लाने का प्रयास करना चाहिए उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस नशे के विरुद्ध हर स्तर पर सख्त कार्रवाई कर रही है और आमजन के सहयोग से इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जाएगा मंचन के दौरान दर्शकों ने रोमांचक और भावुक दृश्यों का आनंद लिया बाली-सुग्रीव युद्ध का दृश्य संघर्ष और वीरता से भरपूर रहा बाली वध के बाद तारा और अंगद का विलाप भावुक कर गया मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध ने दर्शकों को सांसें थामने पर मजबूर कर दिया लक्ष्मण का शक्ति बाण से मूर्छित होना तथा उसके बाद हनुमान का लंका गमन, कालनेमी का वध, सुषेण वैद्य का आगमन और आकाश मार्ग से संजीवनी बूटी लाने का दृश्य मंचन का चरम रहा भरत-हनुमान मिलन ने भक्ति और भाईचारे की छटा बिखेरी भूमिकाओं का निर्वहन इस प्रकार रहा—राम की भूमिका बालकिशन गिरधर, लक्ष्मण की दिनेश शर्मा, सीता की गोपी राम राठौड़, रावण की तिलक शर्मा, हनुमान की संजय जुनेजा, मेघनाद की मनप्रीत, कालनेमी की ललित काठपाल, सुषेण वैद्य की मनोज कामरा तथा भरत की दीपांशु काठपाल ने निभाई चीनू मोंगा ने “जीना यहां मरना यहां” गीत पर आकर्षक कोरियोग्राफी प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए ।





