मनोज शर्मा,चंडीगढ़। चंडीगढ़ के लेखक डॉ. विनोद कुमार का हिंदी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान है। उनकी 28 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने हिंदी साहित्य में विश्व कीर्तिमान भी स्थापित किया हैं,जो वास्तव में एक असाधारण साहित्यिक उपलब्धि है। यह सम्मान भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त, एमसीए एवं नीति आयोग द्वारा पंजीकृत संस्था त्रेतायुग फाउंडेशन ने प्रदान किया है। डॉ. विनोद कुमार एक प्रसिद्ध कवि और लेखक हैं,जिनकी रचनाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। उनकी कविताएँ विभिन्न टेलीविजन चैनलों और आकाशवाणी पर प्रसारित हुई हैं,साथ ही प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और साहित्यिक पत्रिकाओं में भी प्रकाशित हुई हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में,प्रत्यक्ष और आभासी दोनों माध्यमों से,अपनी कविताएँ प्रस्तुत करके वैश्विक साहित्यिक संस्कृति में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह कार्य हिंदी साहित्य जगत को समृद्ध बनाने के उनके समर्पण,रचनात्मकता और अटूट जुनून का प्रतीक है। हिन्दी भाषा और साहित्य के उज्ज्वल आकाश में उनकी रचनात्मक प्रतिभा एक दैदीप्यमान नक्षत्र के रूप में आलोकित है। उनकी रचनाधर्मिता,साहित्यिक साधना और लेखनी हिन्दी जगत में प्रेरणास्रोत बन चुकी है। तीन दशकों से सतत साहित्य साधना और पत्रकारिता में संपादक के रूप में राष्ट्रसेवा प्रशंसनीय ही नहीं,अपितु अनुकरणीय है। उनकी कलम में न केवल शब्दों की शक्ति है,अपितु संस्कृति,संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता का गहन स्पर्श भी विद्यमान है।





