स्वतंत्रता दिवस पर इमरान उर्फ़ इम्मू दिलेर भाईजान का अनोखा जश्न मजदूरों रेहड़ीवालों और बच्चों संग मनाया पर्व
गरियाबंद _ 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां पूरा देश तिरंगे के रंग में डूबा था मंचों से भाषण हो रहे थे और स्कूलों व मैदानों में कार्यक्रमों की गूंज थी वहीं जिले के मशहूर समाजसेवी इमरान उर्फ़ ‘इम्मू दिलेर भाईजान ने इस बार कुछ अलग और दिल को छू लेने वाला काम किया उन्होंने उन लोगों के साथ आज़ादी का जश्न मनाने का फैसला किया जो रोज़ी-रोटी के लिए अपने काम में जुटे रहते हैं और कभी-कभी इन ऐतिहासिक पलों का हिस्सा नहीं बन पाते जैसे दिहाड़ी मजदूर रेहड़ी-पटरी वाले सब्जी विक्रेता और वंचित वर्ग के बच्चे इमरान बताते हैं कि यह विचार उन्हें 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन आया था उस दिन बच्चों के साथ स्कूल और मैदान में आयोजित कार्यक्रम देखकर लौटते समय उन्होंने देखा कि कई बच्चे, ठेला चलाने वाले और मेहनतकश लोग अपने-अपने काम में लगे हुए हैं तब उनके मन में सवाल उठा कि क्या आज़ादी और उसके जश्न का अधिकार सिर्फ़ मंच पर मौजूद लोगों या कार्यक्रम में पहुंचे दर्शकों का है यही सोच उन्हें प्रेरित कर गई और उन्होंने ठान लिया कि अगली बार वे उन लोगों तक खुद तिरंगा और खुशी लेकर जाएंगे।
इस स्वतंत्रता दिवस पर इमरान ने तिरंगे झंडे और बूंदी के पैकेट मंगवाए और निकल पड़े शहर की गलियों में। वे सब्जी मंडी, मज़दूर चौक, फुटपाथ बाज़ार और उन मोहल्लों तक पहुंचे, जहां आज़ादी का जश्न टीवी या रेडियो से ही महसूस किया जाता है उन्होंने मजदूर भाइयों, बच्चों और परिवारों को तिरंगा भेंट किया, बूंदी खिलाई और उन्हें बताया कि यह पर्व हर भारतीय का है, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो।
इमरान ने कहा देश आज़ाद है, और इस आज़ादी के हकदार हम सब हैं। जब तिरंगा हर हाथ में लहराएगा, तभी जश्न पूरा होगा। आज मुझे सुकून मिला कि मैंने अपना स्वतंत्रता दिवस सही मायनों में सबके साथ मनाया।”





