खालसा स्कूल में गूंजा सिक्खी का संदेश, ‘सिक्खी स्वरूप अते प्रश्नोत्तरी मुकाबला 2026’ में बच्चों ने दिखाया हुनर, सरदार गुरुचरण सिंह होरा बोले- संस्कृति से जुड़ाव ही असली पहचान
✍️ लोकहित एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़
रायपुर _पंडरी स्थित खालसा स्कूल में 6 जून 2026 को ‘सिक्खी स्वरूप अते प्रश्नोत्तरी मुकाबला 2026’ का भव्य आयोजन किया गया बच्चों और युवाओं को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों के लिए सिक्खी स्वरूप में उपस्थित होना अनिवार्य रखा गया था कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन सरदार गुरुचरण सिंह होरा, समाजसेवी जगजीत सिंह खनूजा, बलविंदर सिंह अरोरा, जी.एस. बॉम्बरा सहित बड़ी संख्या में सिख समाज से जुड़े लोग मौजूद रहे प्रतियोगिता को चार आयु वर्गों में विभाजित किया गया था ग्रुप ए (0 से 5 वर्ष) में नन्हे बच्चों ने सिक्खी स्वरूप में आकर्षक रैंप वॉक प्रस्तुत की ग्रुप बी (6 से 10 वर्ष) में सिक्खी धर्म के 35 अक्षरों पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें बच्चों की रचनात्मकता ने सभी का मन मोह लिया ग्रुप सी (11 से 15 वर्ष) में क्विज प्रतियोगिता हुई, जिसमें प्रतिभागियों से निर्धारित पुस्तक के आधार पर प्रश्न पूछे गए वहीं ग्रुप डी (16 से 20 वर्ष) के प्रतिभागियों ने ‘सिक्खी स्वरूप’, ‘पंजाबी मां बोली’ एवं ‘पंच ककार का महत्व’ विषयों पर कविता, साखी और गुरमत विचार प्रस्तुत किए ग्रुप बी, सी और डी के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए प्रथम पुरस्कार हारमोनियम, द्वितीय पुरस्कार तबला तथा तृतीय पुरस्कार कैसियो रखा गया इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार स्वरूप टैबलेट दिए गए कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सोहणा बीबा बच्चा’ पुरस्कार रहा, जिसके विजेता को लैपटॉप भेंट किया गया दूर-दराज से आने वाले प्रतिभागियों और उनके परिजनों के लिए बाबा बुड्ढा साहेब सराय में ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी कार्यक्रम के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी किया गया कार्यक्रम के सफल आयोजन में छत्तीसगढ़ सिख संगठन लेडिस विंग की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता डी अरोड़ा, प्रदेश संयोजक गुरजीत कौर छाबड़ा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गुरदीप कौर, प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण कौर अरोड़ा, रश्मिंदर कौर चावला, इंद्रजीत कौर होरा, गुरनिश कौर हेरा, प्रदेश महासचिव रूपी सलूजा, प्रदेश कोषाध्यक्ष रूबी गांधी, जिला अध्यक्ष सतनाम कौर सलूजा, प्रदेश सचिव नवजोत कौर, सोनिया सलूजा, गुरशीत कौर, रश्मीत कौर एवं आकांक्षा अरोड़ा सहित अनेक पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही इस अवसर पर अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति, धर्म और विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं इससे नई पीढ़ी में धार्मिक ज्ञान, संस्कार और अपनी पहचान के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है उन्होंने आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित होते रहने चाहिए ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिताएं नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक, धार्मिक और नैतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं उन्होंने कहा कि आधुनिकता और तकनीक के इस दौर में बच्चों और युवाओं का अपनी जड़ों, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जुड़ा रहना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है सिक्खी संस्कृति हमें सेवा, समर्पण, अनुशासन, साहस और मानवता का संदेश देती है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है उन्होंने कहा कि ‘सिक्खी स्वरूप अते प्रश्नोत्तरी मुकाबला’ जैसे आयोजन बच्चों को अपनी पहचान और विरासत को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और अपने धर्म व संस्कृति के प्रति गर्व की भावना भी विकसित करती हैं जब बच्चे अपनी संस्कृति और इतिहास को जानेंगे, तभी वे भविष्य में एक मजबूत और संस्कारित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे गुरुचरण सिंह होरा ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का दायरा और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इससे जुड़ सकें उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने का कार्य जितना मजबूत होगा, समाज उतना ही सशक्त और संगठित बनेगा उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ सिख संगठन लेडिस विंग की सराहना करते हुए कहा कि लेडिस विंग वर्षों से लगातार विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को सिक्खी संस्कृति से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रही है उनके प्रयासों से नई पीढ़ी में धार्मिक जागरूकता बढ़ रही है और बच्चों को अपनी विरासत को समझने एवं अपनाने की प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी संगठन इसी प्रकार समाजहित और संस्कृति संरक्षण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा इस अवसर पर समाजसेवी जगजीत सिंह खनूजा ने कहा कि बच्चों को अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए इस प्रकार के आयोजन बहुत महत्वपूर्ण हैं आज के समय में नई पीढ़ी को अपनी विरासत और संस्कारों की जानकारी होना जरूरी है ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ उन्हें अपनी पहचान और संस्कृति के प्रति जागरूक भी बनाते हैं उन्होंने आयोजन समिति और सभी सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चे अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़े रहें इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सिख संगठन लेडिस विंग की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता डी अरोड़ा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को सिक्खी संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और पंजाबी विरासत से जोड़ना है बच्चों में जिस उत्साह और सहभागिता के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया, वह बेहद प्रेरणादायक रहा उन्होंने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन लगातार किए जाते रहेंगे, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा की धर्मपत्नी परमजीत कौर जुनेजा ने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति, भाषा और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने वाले ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायक हैं इससे नई पीढ़ी में संस्कार, अनुशासन और अपनी विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम शीघ्र ही घोषित किए जाएंगे।





