जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । श्रीमान पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व श्रीमती तेजस्वनी गौतम (आईपीएस) ने बताया कि जिला जयपुर पूर्व क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से कॉलोनी काटकर भूखण्ड बेचान कर लोगों से पैसे ऐंठने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुये भूमाफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे।भूमाफियाओं द्वारा विभिन्न सोसायटीयों से मिली भगत करते हुये फर्जी दस्तावेजो के आधार पर बेचे जा रहे भूखण्डो की बढ़ती धोखाधडी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये श्री आशाराम चौधरी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व के निर्देशन में व श्री आदित्य पुनियां सहायक पुलिस आयुक्त मालवीय नगर जयपुर के सुपरविजन में श्री मदनलाल कडवासरा पु.नि.थानाधिकारी थाना जवाहर सर्किल जयपुर पूर्व के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। दिनांक 13.05.2024 को परिवादी श्री प्रेम कुमार सहगल पुत्र स्व श्री चानन शाह सहगल उम्र 82 साल निवासी प्लॉट नं. 81 कृष्णा नगर, गोपालपुरा, पुलिस थाना महेश नगर, जिला जयपुर ने उपस्थित थाना होकर एक रिपोर्ट इस आशय की पेश की कि वर्ष 2005 में जगदीश नारायण शर्मा ने प्रार्थी को बताया कि मेरे द्वारा पार्श्वनाथ एनक्लेव विस्तार के नाम से वाटिका रोड, सांगानेर में एक आवासीय योजना विकसित की जा रही है एवं उक्त योजना में अच्छी लोकेशन का सस्ती रेट पर भूखण्ड दिलवा दूंगा। जगदीश नारायण शर्मा प्रार्थी को मौके पर ले गया। जहां पर काश्तकार खेतीबाड़ी कर रहे थे। जगदीश नारायण शर्मा ने प्रार्थी को बताया कि यह जमीन मेरे द्वारा खरीद ली गयी है, फसल कटते ही आपको उक्त स्कीम में प्लॉट का कब्जा दे दूंगा, आप मेरे पर विश्वास रखें। इसके कुछ दिन बाद प्रार्थी को जगदीश नारायण शर्मा के द्वारा उक्त स्कीम का नक्शा दिखाया गया। जिसमें हसनपुरा गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड, जयपुर रजि. नं. 2554/एल के पट्टे दिये जाने बताये गये तथा जिस पर प्रार्थी ने जगदीश नारायण शर्मा की बातों पर विश्वास करते हुए अपने नाम से उक्त पार्श्वनाथ एनक्लेव विस्तार योजना में भूखण्ड संख्या 97 क्षेत्रफल 111. 11 वर्गगज का क्रय कर लिया तथा जगदीश नारायण शर्मा के कहे अनुसार प्रार्थी ने जगदीश नारायण शर्मा को उक्त भूखण्ड की सम्पूर्ण विचीती राशि 2200 रूपये प्रति वर्गगज के हिसाब से सम्पूर्ण विचौती राशि अपने परिचित श्री सीताराम मीणा के ऑफिस पर अदा कर दी। जिसके पश्चात जगदीश नारायण शर्मा ने प्रार्थी के द्वारा कय किये गये उक्त भूखण्ड का हसनपुरा ए गृह निर्माण सहकारी समिति लमिटेड द्वारा पट्टा कमांक 10577 दिनांक 02-07-1997 जारी किया गया तथा उक्त प्लॉट की केवलमात्र 11,111 रूपये की ही रसीद प्रार्थी को दी। जब काफी समयावधि व्यतीत होने के जब जगदीश नारायण शमां ने भूखण्डों पर बाउण्ड्रीवाल का निर्माण नहीं करवाया तो प्रार्थी स्वयं ही मौके पर गया तो यहां पर उपस्थित लोगों से पता चला कि जगदीश नारायण शर्मा ने भूमि मालिकों से बिना जमीन खरीद किये ही कई लोगों को भूखण्ड काट दिये हैं। मेरे द्वारा जगदीश नारायण शर्मा से अपनी रकम वापस करने के लिये कहा तो भूखण्ड एवं राशि देने से स्पष्ट इनकार कर दिया और कहा कि मैंने सोसायटी से मिलीभगत कर तुम्हारे जैसे कई व्यक्तियों को बिना जमीन के ही भूखण्ड बेचकर उनकी राशि हड़प कर ली है। मेरी पहुंच काफी ऊपर तक है। कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सका है. भलाई इसी में है कि तुम भी अपने पैसे और भूखण्ड को भूल जाओ और यदि दुबारा इस सम्बन्ध में मुझसे सम्पर्क किया तो तुम्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा। आदि पर प्रकरण संख्या 366/24 धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471 120बी आईपीसी में दर्ज कर जॉच श्री श्यामप्रकाश उ.नि के जिम्मे की गई। गठित पुलिस टीम द्वारा तकनीकी सहायता व मुखबिर खास की सूचना पर आरोपी जगदीश नारायण शर्मा को उसके सम्भावित ठिकानों पर तलाश किया गया आरोपी वेहद शातिर किस्म का भूमाफिया होने एवं पुलिस की पकड से परे रहते हुये फरारी काटते हुये बार बार स्थान बदल रहा था। टीम के सदस्यों ने आरोपी का निरंतर पीछा कर डिटेन किया। पूछताछ में आरोपी जगदीश नारायण शर्मा ने बताया कि उसने काश्तकारो से करीब 30 बीघा जमीन का सौदा बताते हुये हसनपुरा ए गृह निर्माण सहकारी समिति लमिटेड सोसायटी के पदाधिकारियों से मिली भगत कर काश्तकारो को जमीन के बिना पैसे दिये, बिना मालिकाना हक प्राप्त किये काश्तकारो की जमीन में कागजो में कॉलोनी काटकर भूखण्डो के फर्जी पट्टे तैयार कर कई लोगो के साथ धोखाधडी करते हुये अमानत में खयानत की है। प्रकरण में आरोपी से पूछताछ जारी है।





