मरके भी अमर हो गईं 93 वर्षीया बचनी देवी इन्सां, मरणोपरांत किया नेत्रदान व शरीरदान
October 30th, 2026 | Post by :- | 15 Views

कुरुक्षेत्र, 29 अक्तूबर ( सुरेश पाल )  ।     कुरुक्षेत्र के सेक्टर-30 निवासी 93 वर्षीया बचनी देवी इन्सां की मृत्यु के उपरांत उनकी आंखों व शरीर का दान किया गया है। बचनी देवी इन्सां की आंखें जहां मरणोपरांत भी इस खूबसूरत संसार को निहारती रहेंगी, वहीं उनका पार्थिव शरीर मेडिकल साइंस के भावी डॉक्टरों के शोध और अध्ययन के काम आएगा, जिससे भारत की मेडिकल रिसर्च को नई बुलंदियां मिल सकेंगी।

डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं पर चलते हुए उनके परिजनों और डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने बचनी देवी इन्सां के देहावसान के पश्चात उनके नेत्रदान और देहदान की प्रक्रिया को सम्मान के साथ पूरा करवाया। उनकी आंखों को अर्पणा आई बैंक मधुबन करनाल भेजा गया जबकि शरीर को पानीपत के इसराना स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। सैंकड़ों लोगों ने शरीरदानी व नेत्रदानी बचनी देवी इन्सां को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस दौरान बचनी देवी इन्सां अमर रहे के नारों से पूरा आसमान गुंजायमान हो गया। वे अपने पीछे डीसी कार्यालय से सेवानिवृत्त असिस्टेंट बेटे रोणकी राम तथा मुन्नी लाल, पुत्रियां राजवंती, बिमला देवी और बब्ली देवी, नगर निगम गुरुग्राम में पदस्थ पौत्र एसडीओ आशीष छाछिया तथा रविंद्र, पौत्रियां संस्कृत प्रवक्ता आशा रानी, केमिस्ट्री प्रवक्ता प्रीति, शिक्षिका रजनी, निशा, नीरू और निधि को छोड़ गई हैं।

बचनी देवी के बेटे रोणकी राम व मुन्नी लाल ने बताया कि उनकी माता डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी हुई थीं, वे मरने से पहले कहा करती थीं कि उनकी आंखों व शरीर का दान किया जाए ताकि जरूतमंदों की आंखों में रोशनी भर सके व शरीर पर शोध हो सके। इस परोपकारी कदम की सराहना करते हुए एनसी मेडिकल कॉलेज इसराना के प्राचार्य डॉ. ब्रिज किशोर गुप्ता ने डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई के अभियानों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समाज में देहदान और नेत्रदान जैसी भ्रांतियों को तोड़कर इस प्रकार की जागृति लाना अत्यंत सराहनीय है। बचनी देवी इन्सां का यह शरीर भावी डॉक्टरों को व्यावहारिक ज्ञान देने और नई चिकित्सीय तकनीकों के शोध में बेहद मददगार साबित होगा।

डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादार प्रवीण कड़ामी, जोगिंद्र सिंह व कृष्ण लाल ने कहा कि पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के हजारों श्रद्धालु मरणोपरांत शरीरदान कर चुके हैं, ताकि शरीर की वजह से मेडिकल शोध में अड़चन न आए। इसी सोच के साथ ही बचनी देवी इन्सां के मरणोपरात उनके परिवार जनों ने शरीरदान व आंखों का दान किया है। इस मौके पर शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सैकड़ों सेवादारों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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