गजसिंहपुर,(यश कुमार)। श्री महावीर ड्रामेटिक क्लब के मंच पर आयोजित रामलीला में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नगरपालिका पार्षद शेर सिंह जांगिड़, पार्षद संजीव थिंद तथा जलदाय विभाग में सेवारत तेज सिंह शामिल हुए। रामलीला में रावण और अंगद के बीच हुए संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। अंगद द्वारा लंका की सभा में अपना पैर जमाने और रावण के योद्धाओं के उसे हिला न पाने के प्रसंग ने दर्शकों में उत्सुकता पैदा की। इसके बाद मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भीषण युद्ध हुआ, जिसमें लक्ष्मण के मूर्छित होने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। लक्ष्मण को मूर्छित देखकर प्रभु श्रीराम के विलाप ने दर्शकों को भावुक कर दिया इसके पश्चात सुषेण वैद्य के आने और लक्ष्मण के उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग मंचित हुआ। हनुमान जी का कालनेमि से सामना तथा आकाश मार्ग से संजीवनी बूटी लेकर लौटने का दृश्य विशेष आकर्षण रहा। इन प्रसंगों के माध्यम से कलाकारों ने हनुमान जी की भक्ति, साहस और प्रभु श्रीराम के प्रति समर्पण को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। रामलीला के दौरान कृष्ण-सुदामा की मित्रता पर आधारित कोरियोग्राफी भी प्रस्तुत की गई। इसमें भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के निश्छल प्रेम, मित्रता तथा समर्पण को दर्शाया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। राम की भूमिका बालकिशन गिरधर, लक्ष्मण की भूमिका दिनेश शर्मा, अंगद की भूमिका गोपाल राम, सुषेण वैद्य की भूमिका संदीप लिंबा, हनुमान जी की भूमिका संजय जुनेजा, मेघनाद की भूमिका ओम जुनेजा तथा कालनेमि की भूमिका ललित काठपाल ने निभाई। कृष्ण-सुदामा कोरियोग्राफी में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका सतीश वधवा, सुदामा की भूमिका राजकुमार गिरधर तथा द्वारपाल की भूमिका तन्मय वधवा ने निभाई। कलाकारों ने अपने अभिनय और प्रस्तुति से रामलीला के धार्मिक एवं भावनात्मक प्रसंगों को प्रभावशाली बनाया।
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