गजसिंहपुर,(यश कुमार)। श्री महावीर ड्रामेटिक क्लब के मंच पर आयोजित रामलीला में शूर्पणखा की नाक कटने के बाद उसके अपने भाई मारीच के पास पहुंचने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। शूर्पणखा पंचवटी में हुए घटनाक्रम का पूरा वृतांत मारीच को सुनाती है और अपने अपमान की पीड़ा व्यक्त करती है। इस प्रसंग में शूर्पणखा के क्रोध, दुख और प्रतिशोध की भावना को दर्शाया गया। उसके द्वारा राम-लक्ष्मण से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी मारीच को देने के दृश्य ने कथा को नया मोड़ दिया शूर्पणखा के अपमान से जुड़ा यह प्रसंग रामायण की आगामी घटनाओं की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके आगे रावण की भूमिका और सीता हरण की घटना की पृष्ठभूमि तैयार होती है। कलाकारों ने अपने संवादों और अभिनय के माध्यम से दर्शकों को कथा से जोड़े रखा।
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