भरत मिलाप और शूर्पणखा प्रसंग का मंचन, प्रेम और प्रतिशोध की कथा ने बांधा समां,शूर्पणखा के नृत्य ने रंग जमाया : पालिका अध्यक्ष ने रामलीला मंच एवं ग्राउंड के पुनर्निर्माण का दिया आश्वासन
October 14th, 2026 | Post by :- | 17 Views

गजसिंहपुर,(यश कुमार)। श्री महावीर ड्रामेटिक क्लब के मंच पर आयोजित रामलीला में बुधवार को भगवान श्रीराम की आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष संदीप पेड़ीवाल ‘हैप्पी’, पार्षद कपिल वधवा तथा दीपांशु कालड़ा ‘दिशू’ उपस्थित रहे। क्लब की ओर से मुख्य अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। क्लब संरक्षक मंगतराय शर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए रामलीला कला मंच के नवनिर्माण तथा ग्राउंड के पुनर्निर्माण का आग्रह किया। इस पर नगरपालिका अध्यक्ष एवं पार्षदों ने शीघ्र निर्माण कार्य करवाने का विश्वास दिलाया। लीला में भगवान श्रीराम और भरत के मिलाप का भावपूर्ण मंचन किया गया। लंबे समय के वियोग के बाद दोनों भाइयों के मिलन, आपसी प्रेम, त्याग और समर्पण के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इस प्रसंग के माध्यम से भाइयों के प्रति प्रेम, पारिवारिक एकता और मर्यादा का संदेश दिया गया। रामलीला में इस बार शूर्पणखा के जीवन से जुड़ा एक विशेष प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें शूर्पणखा और विद्युतजिह्व की प्रेम कथा दिखाई गई। दोनों के प्रेम और उनके संबंधों के बीच रावण के हस्तक्षेप ने कथा को नया मोड़ दिया। रावण द्वारा विद्युतजिह्व का वध किए जाने के बाद शूर्पणखा के जीवन में दुख और प्रतिशोध की भावना उत्पन्न होने का मार्मिक मंचन किया गया। इस प्रसंग में शूर्पणखा के प्रेम, विरह और प्रतिशोध के भावों को प्रस्तुत किया गया। कथा ने दर्शकों के सामने रामायण के पात्रों से जुड़ा एक अलग भावनात्मक पक्ष रखा। इसके बाद पंचवटी में शूर्पणखा के भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के पास पहुंचने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। शूर्पणखा और श्रीराम के बीच संवाद तथा लक्ष्मण के साथ हुई बातचीत ने लीला को रोचक बनाया। घटनाक्रम आगे बढ़ने पर लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नाक काटने का मंचन किया गया। इस दृश्य ने दर्शकों में उत्सुकता पैदा की और आगामी घटनाओं के लिए कथा की भूमिका तैयार की रामलीला में कैकई की भूमिका शिवचरण, भगवान श्रीराम की बालकिशन गिरधर, गुह निषाद की ललित काठपाल, भरत की दीपांशु काठपाल, शत्रुघ्न की राकेश मेव, सीता की रणवीर तथा कौशल्या की भूमिका सुमित काठपाल ने निभाई। शूर्पणखा की भूमिका सन्दीप कुमार (पदमपुर) एवं राजकुमार गिरधर ने निभाई, जबकि विद्युतजिह्व की भूमिका सतीश वधवा और रावण की भूमिका तिलक शर्मा ने अदा की। कलाकारों ने अपने संवादों, अभिनय और भाव-भंगिमाओं से रामलीला के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत बनाया।

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