गजसिंहपुर में रामलीला का भव्य आगाज, श्रवण कुमार की लीला देख नम हुई आंखे
October 7th, 2026 | Post by :- | 16 Views

गजसिंहपुर,(यश कुमार)। श्री महावीर ड्रामेटिक क्लब, गजसिंहपुर द्वारा मंगलवार को रामलीला का भव्य शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर भगवान गणेश जी का विधिवत पूजन एवं आरती की गई। रामलीला के उद्घाटन की रस्म मुख्य अतिथि लालचंद पेड़ीवाल (प्रतिष्ठित व्यवसायी), शंकरलाल पेड़ीवाल (प्रतिष्ठित व्यवसायी), एवं अनिल पेड़ीवाल (प्रतिष्ठित व्यवसायी) ने विधिवत रूप से अदा की। इस अवसर पर धर्मप्रेमी नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रभु श्रीराम की पावन लीलाओं के मंचन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मुख्य अतिथि लालचंद पेड़ीवाल ने क्लब को रामलीला आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने में रामलीला की परंपरा का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है उन्होंने क्लब के संरक्षक स्वर्गीय हरद्वारी लाल गिरधर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आजीवन समाजसेवा तथा रामलीला के आयोजन में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। क्लब संरक्षक मंगतराय शर्मा एवं नंदलाल पेड़ीवाल ने रामलीला मंचन के लिए क्लब के सदस्यों एवं सहयोगियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर परिवार एवं समाज को सुखी, समृद्ध और संस्कारित बनाया जा सकता है। इस अवसर पर क्लब की ओर से स्वर्गीय हरद्वारी लाल गिरधर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा मुख्य अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। रामलीला के प्रथम दिन ‘श्रवण कुमार’ नाटक का भावपूर्ण मंचन किया गया। श्रवण कुमार की अपने माता-पिता के प्रति भक्ति, सेवा और समर्पण की कथा ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से पुत्र धर्म, मातृ-पितृ भक्ति और त्याग की भावना को जीवंत कर दिया सोनू काठपाल ने श्रवण कुमार, भगवाना राम ने राजा दशरथ, ललित काठपाल ने श्रवण के पिता तथा रणवीर ने माता की भूमिका प्रभावशाली ढंग से निभाई। विशेष रूप से श्रवण कुमार द्वारा अपने वृद्ध एवं नेत्रहीन माता-पिता की सेवा तथा उन्हें तीर्थ यात्रा करवाने के प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। श्रवण कुमार की मृत्यु के बाद राजा दशरथ द्वारा उसके माता-पिता के समक्ष पहुंचने और उनके विलाप का दृश्य अत्यंत मार्मिक रहा। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय ने दर्शकों को माता-पिता की सेवा और उनके प्रति कर्तव्य निभाने का संदेश दिया। रामलीला के दौरान दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की। क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में भी श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया जाएगा ।

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