गजसिंहपुर,(यश कुमार) । दूध के उचित भाव और पशु आहार की कालाबाजारी रोकने की मांग को लेकर दुग्ध उत्पादक किसानों एवं गजसिंहपुर दुग्ध यूनियन की ओर से सोमवार को गुरुद्वारा सिंह सभा में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के पश्चात तहसील में पहुंचकर जिला कलेक्टर श्रीगंगानगर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि दुग्ध उत्पादक किसानों को दूध का उचित भाव दिलाने, नकली एवं मिलावटी दूध पर रोक लगाने तथा पशु आहार (फीड) में हो रही कथित कालाबाजारी और अनियमित मूल्य वसूली पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। किसानों ने कहा कि दुग्ध उत्पादक किसान दिन-रात मेहनत कर पशुओं का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन दूध उत्पादन में होने वाले खर्च, पशु आहार, चारा एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने डेयरी में दूध का भाव 20 रुपए प्रति फैट निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही गाय के दूध का भाव 80 रुपए प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का भाव 100 रुपए प्रति लीटर निर्धारित किए जाने की मांग रखी गई है। दूध का भाव तय करते समय किसानों की उत्पादन लागत, पशु पालन, चारा और फीड सहित अन्य खर्चों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। क्षेत्र में नकली एवं मिलावटी दूध के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए नियमित जांच एवं सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि शुद्ध दूध का उत्पादन करने वाले किसानों के हितों की रक्षा के साथ आमजन को गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध करवाना भी जरूरी है। साथ ही पशु आहार एवं फीड की कीमतों में कथित कालाबाजारी और अनियमितता की जांच करवाकर किसानों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध करवाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 1 अक्टूबर से गजसिंहपुर दुग्ध यूनियन से जुड़े दुग्ध उत्पादक किसानों द्वारा संबंधित संस्थानों को दूध की आपूर्ति पूर्ण रूप से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएगी।
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