वैश्य बाहुल्य क्षेत्रों से वैश्य समाज के लोगों उम्मीदवार बनाने पर महासभा करेगा समर्थन: ध्रुवचन्द जायसवाल
August 8th, 2026 | Post by :- | 77 Views
वैश्य बाहुल्य क्षेत्रों से वैश्य समाज के लोगों उम्मीदवार बनाने पर महासभा करेगा समर्थन: ध्रुवचन्द जायसवाल

गोरखपुर (एके जायसवाल)। वर्तमान विषम परिस्थितियों में भारत मे वैश्यों की संख्या सर्वाधिक है फिर भी सत्ता में भागीदारी नग्ण है यहां तक देश की मुख्य धारा जहां नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं वहां संख्या जीरो है राजनैतिज्ञ चिंतक बड़े बुजुर्गों एवं स्वजाति भाईयो ने नई पीढ़ी के युवाओं,महिलाओं को विधानसभा एवं लोकसभा का चुनाव लड़ाने की मुहिम चलाई है इसकी मुख्य वजह यह है कि सभी राजनैतिक दलों एवं आमधारणा है कि वैश्य बँधुआ मजदूर की तरह एक खास दल के पक्ष मे मतदान करता है इस मिथ्या को तोड़ते हुए राजनीतिक चिंतको ने आपसी विचार विमर्श करके उत्तर प्रदेश के लोकसभा के 80 मे 17 सीटें लोकसभा वैश्य बाहुल्य एवं विधानसभा के 403 सीटों मे 90 सीटें वैश्य बाहुल्य है उपरोक्त सीटों पर वैश्य समाज चुनावों मे निर्णायक भूमिका मे है जिसे चाहे जिता दें जिसे चाहे हरा दे किन्तु राजनैतिक रुप से चालाक वर्ग के लोगों ने अधिक्तर वैश्य बाहुल्य सीटों पर कब्ज़ा कर लिया है किंतु अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा 9 अगस्त से वैश्य बाहुल्य 90 सीटें छोडो़ की अभियान की शुभारंभ हो गई।

अब गाॕधी-वादी तरिके दसे वैश्य बन्धु चुनाव लड़कर अपना हक लेंगे। इसीलिए सभी राष्ट्रीय दलो, क्षेत्रीय प्रमुख दलों एवं एनडीए के सहयोगी दलो के अध्यक्षों को आगाह किया जाता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वैश्य बाहुल्य सीटों पर अपने-अपने दलों से वैश्य प्रत्याशी ही चुनाव लड़ाएं, बिना किसी भेदभाव का तन-मन-धन के साथ महासभा एवं वैश्य समाज के लोग समर्थन करेंगे अन्यथा वैश्य बाहुल्य सीटों पर वैश्य प्रत्याशी चुनाव लड़ने के लिए तैयार है महासभा उन्हें समर्थन देने के लिए तैयार बैठी है| उक्त ब्यान अखिल भारतीय कलवार कलाल कलार जायसवाल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ध्रुवचन्द जायसवाल ने जारी की।

  ध्रुवचन्द जायसवाल ने कहा कि वैश्य समाज की सत्ता मे भागीदारी नग्ण है जबकि पूर्वांचल का कोई ऐसा जिला नही है जहॉ टाउन एरिया,नगर पंचायत का अध्यक्ष/ चेयरमैन वैश्य समाज का ही व्यक्ति है यहाँ तक चुनाव निर्दल जीतते है महानगरों गोरखपुर,वाराणसी, कानपुर,सहारनपुर एवं आगरा जैसे महत्वपूर्ण नियमों के महापौर निर्वाचित हुए है। फिर भी सत्ता के गलियारे मे हनक नग्ण है इसीलिए स्वजाति संभ्रांत बुजुर्गो एवं वैश्य भाईयों ने सर्वसम्मत से प्रत्याशी घोषित कर रहे है  जो भी वैश्य बन्धु वैश्य बाहुल्य सीट से अपने अपने दलों से या निर्दलीय चुनाव लडे़गा महासभा उसे समर्थन देना शुरु कर दिया है आगे भी समर्थन जारी रहेगा यहाँ तक किसी भी दल से टिकट लेने की बात आएगी तो वह बन्धु चाहेगा तो महासभा उनकी पैरवी करने के लिए भी तैयार है|

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