राजस्थान में अंतर्देशीय पोर्ट परियोजना को मिली नई दिशा:- मदन राठौड
July 30th, 2026 | Post by :- | 13 Views
राजस्थान में अंतर्देशीय पोर्ट परियोजना को मिली नई दिशा:- मदन राठौड

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान के बाड़मेर-जालौर क्षेत्र में अंतर्देशीय पोर्ट एवं कृत्रिम नहर परियोजना को लेकर आवश्यक तकनीकी और व्यवहार्यता संबंधी कार्य जारी हैं, जिससे भविष्य में पश्चिमी राजस्थान के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह बात राज्यसभा सांसद व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा राजस्थान में नए पोर्ट के विकास को लेकर राज्यसभा में उठाए गए सवाल के जवाब में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने दी। राज्यसभा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने देश में मौजूदा बंदरगाहों की संख्या, नए बंदरगाहों के विकास की योजना तथा राजस्थान के बाड़मेर-जालौर क्षेत्र में समुद्री जल लाकर पोर्ट विकसित करने की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा था। इसके जवाब में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बताया कि देश में वर्तमान में 12 प्रमुख तथा 217 गैर-प्रमुख बंदरगाह संचालित हैं। साथ ही पश्चिमी तट पर वाधवन पोर्ट को ग्रीनफील्ड गहरे जल के बंदरगाह के रूप में स्वीकृति दी जा चुकी है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री ने कहा है कि बाड़मेर जिले के बखासर क्षेत्र में अंतर्देशीय पोर्ट एवं कृत्रिम नहर के विकास के लिए पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने आईआईटी मद्रास के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र को गणितीय मॉडलिंग तथा राष्ट्रीय जलमार्ग-48 (जवाई-लूणी नदी एवं कच्छ का रण) के लिए प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य सौंपा है। अध्ययन में भवात्रा से कांडला क्रीक तक का मार्ग अधिक उपयुक्त पाया गया है, जबकि अन्य विकल्प भी व्यवहार्य माने गए हैं। इसके आधार पर यातायात अध्ययन रिपोर्ट को अद्यतन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि यह जवाब पश्चिमी राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना के आगे बढ़ने से बाड़मेर, जालौर सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश, व्यापार, परिवहन, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही राजस्थान को देश के समुद्री व्यापार तंत्र से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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