जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सांसद हनुमान बेनीवाल के बयान की निंदा करते हुए कहा कि आज कुछ राजनेताओं की शब्दावली अत्यंत हल्के स्तर पर पहुंच गई है। अपनी टीआरपी बढ़ाने और सुर्खियों में बने रहने के लिए गंदी एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शालीनता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। राठौड़ ने कहा कि अपशब्दों का प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। बेनीवाल को यह समझना चाहिए कि वे किसके बारे में और किस पद की गरिमा के संदर्भ में ऐसी भाषा का उपयोग कर रहे हैं। राजनीति में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन शब्दों की मर्यादा और संवाद की शालीनता बनाए रखना आवश्यक है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आज राजनीति में शुद्धिकरण की आवश्यकता है। यदि राजनेता इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करेंगे तो जनता का राजनीति से विश्वास उठने लगेगा और लोग राजनेताओं से घृणा करने लगेंगे। राठौड़ ने कहा कि जिस प्रकार राहुल गांधी प्रधानमंत्री के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते रहे हैं, उसी प्रकार अब अन्य नेता भी निम्न स्तर की भाषा का उपयोग कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। राठौड़ ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया से भी आग्रह किया कि इस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले नेताओं का सामाजिक एवं वैचारिक बहिष्कार किया जाना चाहिए, तभी राजनीति में शुद्धिकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि विरोध के नाम पर अनर्गल और असभ्य भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा और सार्वजनिक जीवन की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए जिस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है, वह न केवल निंदनीय है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है। राजनीतिक विरोध तथ्यों और विचारों के आधार पर होना चाहिए, व्यक्तिगत टिप्पणियों और अपमानजनक शब्दों से नहीं। राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय राजनीति की पहचान हमेशा शालीन संवाद और वैचारिक बहस रही है, लेकिन कुछ नेता राजनीतिक लाभ के लिए भाषा की सभी सीमाएं पार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रति इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की बयानबाजी लोकतंत्र को कमजोर करने का कार्य करती है और समाज में गलत संदेश देती है। सरकार के गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि हनुमान बेनीवाल का एक बेतुका बयान सामने आया है। इस बयान में मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के बारे में जैसी भाषा बोली गई है। उसके बाद पूरा राजस्थान अब कहने लगा है कि आप नशे में चूर होकर इस तरह की बातें बोलते हैं। आप सांसद हैं,सांसद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए जिस प्रकार की अमर्यादित एवं असभ्य भाषा का प्रयोग किया गया है, वह अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन राजनीतिक मर्यादाओं को लांघकर इस प्रकार की टिप्पणी करना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। इस प्रकार की बयानबाजी केवल राजनीतिक स्तर को गिराने का कार्य करती है और जनता भी ऐसे नेताओं को कभी स्वीकार नहीं करेगी। भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए जिस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया गया है, वह राजनीतिक संस्कृति को दूषित करने वाला है। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों की मर्यादा और गरिमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी ने कहा कि जनता विकास, सुशासन और जनहित के मुद्दों पर राजनीति देखना चाहती है, लेकिन कुछ नेता केवल विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रकार की भाषा लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और इससे राजनीति के प्रति लोगों का विश्वास कमजोर होता है। राजनीतिक संवाद में संयम, शालीनता और संस्कार बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। भाजपा महामंत्री डॉ मिथिलेश गौतम ने कहा कि हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए दिया गया बयान अत्यंत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस प्रकार की अमर्यादित एवं असभ्य भाषा का प्रयोग उन्होंने किया है, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं भारतीय राजनीतिक संस्कृति के विरुद्ध है।





