जयपुर, पुलिस थाना रामगंज जयपुर उत्तर की बांछित अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान मे बडी कार्यवाही
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । दिनांक 18.03.2024 को श्रीमान् अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट, क्रम संख्या 6. जयपुर महानगर द्वितीय, जयपुर (राज०)। परिवाद संख्या 2024 रिलायंस जनरल इश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड, जरिये अधिकृत प्रतिनिधि श्री पूरण चंद सैनी पुत्र स्व. श्री भोला शंकर सैनी, आयु 35 साल क्षेत्रीय कार्यालय-503, पांचवी मंजिल, एवरशाइन टॉवर, आम्रपाली सर्किल, वैशाली नगर, जयपुर का इस्तगासा धारा 156 (3) सीआरपीसी का थाना हाजा पर प्राप्त हुआ। यह कि रामेश्वर पुत्र श्री राम सिंह द्वारा परिवादी कम्पनी के साथ धोखाधड़ी कारित करने के पूर्व आशय से अपने स्वयं के स्वामित्व के वाहन संख्या RJ-34-RA-8516 का दुर्घटना बीमा परिवादी कम्पनी से किया होना प्रकट करते हुए एक फर्जी दुर्घटना बीमा दस्तावेज व कवर नोट झुठा व मिथ्या दस्तावेजात गढ़ा गया जिसमें कि उक्त वाहन का बीमा कवर दिनांक 18.05. 2017 से 17.05.2018 तक की अवधि के लिए कथित तौर बिमित होना अभियुक्त द्वारा दर्शित किया गया। यह कि अभियुक्त द्वारा उक्त बीमा पॉलिसी मात्र परिवादी कम्पनी के साथ धोखाधड़ी कारित करके स्वयं को सदोष लाभ व परिवादी कम्पनी को सदोष हानि पहुंचाने के दुराशय से झूठे व मिध्या दस्तावेज गढ़कर कुटरचना कारित की है ताकि अभियुक्त परिवाती कम्पनी को धोखा देकर अपने दायित्व से बचा जा सके। जिस पर वाना रामंगज पर अभियोग संख्या 126/2024 धारा 420, 467, 468, 471 व 120बी IPC में दर्ज कर अनुसंधान आरम्भ किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करन शर्मा आईपीएस ने बताया कि जयपुर शहर में हो रहे धोखाधडी अपराध की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश प्राप्त हुए थे। प्राप्त निर्देशों के मध्य नजर श्री दुर्ग सिंह राजपुरोहित आरपीएस अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर प्रथम के सुपरविजन में एवं श्री हरिवंकर शर्मा सहायक पुलिस आयुक्त रामगंज जयपुर उत्तर के निर्देशन में श्री सुभाष चन्द्र यादव पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी पुलिस थाना रामगंज जयपुर उत्तर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा आरोपी की टेक्निकल डाटा प्राप्त कर उसका विश्लेषण किया गया। परिवादी व अन्य पीडितों रामेश्वर पुत्र श्री राम सिंह के बयान लिए गये। आरोपी हर बार-बार जगह बदलता रहता था। आरोपी की कम्पनी में जाकर मालूमात किया परन्तु कोई जानकारी नहीं मिली। मुखबिर मामूर कर व टैक्रिकल सहयोग प्राप्त कर आरोपी वृज सुन्दर को बामुश्किल गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुछताछ करने पर आरोपी बृज सुन्दर ने बताया कि मैं वर्ष 2009 से सेठिया फाईनेन्स कम्पनी वृज अनुकम्पा टावर सी स्कीम जयपुर में काम करता हुआ आ रहा है। तथा मार्केटिव एक्जीकेटिव के पोस्ट पर काम करता हूँ हमारी यह कम्पनी फाईनेन्स का काम करती है। मैं साईड में वाहनो का इन्श्योरेन्स भी करवाता रहता था जिसमे मुझे कुछ कमीशन मिल जाता था। वर्ष 2017 में मेरे पास एक ब्रोकर ने रामेश्वर गुर्जर व इसके साथ एक दो आदमी और वे मेरे उक्त ऑफिस पर लेकर आया तथा मुझे एक ट्रेक्टर नम्बर RJ34RA8516 का इन्श्योरेन्स करवाने के लिये बोला मुझे ट्रेक्टर की आरसी ट्रेक्टर की फोटो तथा 9500 रूपये दिये थे मेने उनको कहा की एक दो रोज में इन्श्योरेन्स करवा कर लाकर देदूगा मैं उस वक्त अलग अलग कम्पनी के ब्रोकरी से कमीशन के बैस पर वाहनो का इन्श्योरेन्स करवाता रहता था। मेने रामेश्वर गुर्जर के ट्रेक्टर का इन्स्योरेन्स रिलाईन्स इन्स्योरेन्स कम्पनी से करवाया था। वर्ष 2018 में रामेश्वर गुर्जर व उसके साथ कुछ लोग मेरे पास मेरे आंफिस में आये तब उन्होने कहा की जो आपने मेरे ट्रेक्टर का इन्श्योरेन्स करवाया था वह फर्जी कूटरचित है। मेने इस बात की सत्यता रिलाईन्स कम्पनी से की तब पता चला की इस ट्रेक्टर की जो पोलीसी नम्बर है वह किसी अन्य ट्रेक्टर के पोलीसी नम्बर डाले हुये है। आरोपी बृज सुन्दर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।





