पंचकूला स्कूल हमले में घायल मासूम की सेहत में सुधार, मां की गोद में बैठकर पहली बार खाई खिचड़ी
November 2nd, 2026 | Post by :- | 14 Views

लोकहित एक्सप्रेस | चंडीगढ़ PGI में चल रहा इलाज, बच्ची की हालत में सुधार से परिवार को मिली राहत; देशभर में हो रही थी जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

पंचकूला। पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में हुई दर्दनाक घटना में गंभीर रूप से घायल छह वर्षीय मासूम बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार की खबर सामने आई है। चंडीगढ़ स्थित PGI में उपचाराधीन बच्ची ने हादसे के बाद पहली बार भोजन किया। मां की गोद में बैठकर खिचड़ी खाते हुए बच्ची का वीडियो सामने आने के बाद परिवार और उसके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे लोगों ने राहत की सांस ली है।

कई दिनों से बच्ची की गंभीर हालत को लेकर परिवार बेहद चिंतित था। अब उसकी सेहत में सुधार और दोबारा भोजन शुरू करने की खबर ने परिवार में उम्मीद की नई किरण जगाई है। बच्ची को मां की गोद में बैठकर खिचड़ी खाते देखकर माता-पिता भावुक हो गए। परिजनों ने वीडियो के माध्यम से बच्ची के लिए प्रार्थना करने और इस कठिन समय में परिवार का हौसला बढ़ाने वाले लोगों का आभार जताया है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना 28 अक्टूबर 2026 को पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में हुई थी। स्कूल में KG कक्षा में पढ़ने वाली छह वर्षीय बच्ची पर तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले आठ वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर हमला कर दिया था।

परिजनों के अनुसार, बच्ची को पत्थर और गमले से चोटें पहुंचाई गईं। CCTV फुटेज में भी घटना से जुड़े दृश्य सामने आए। बच्ची के सिर पर गंभीर चोट आई और नाक में फ्रैक्चर हुआ। उसके सिर पर टांके भी लगाए गए। गंभीर हालत को देखते हुए उसे चंडीगढ़ PGI रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

 

दो शिक्षिकाएं निलंबित, प्रिंसिपल के खिलाफ FIR

इस घटना के बाद स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो शिक्षिकाओं को निलंबित किया है। वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षिकाओं के खिलाफ FIR दर्ज होने की भी खबर है।

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने घटना में शामिल बच्चों की मानसिक स्थिति का मूल्यांकन और काउंसलिंग कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

शारीरिक सुधार के साथ बच्ची को भावनात्मक सहारे की भी जरूरत

2 नवंबर की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की शारीरिक स्थिति में सुधार हो रहा है और वह होश में है। हालांकि, घटना के डर और मानसिक आघात का असर अभी भी बना हुआ है। परिजनों के मुताबिक, बच्ची बार-बार अपनी मां को पुकारती है और घटना को याद करती है। ऐसे में उसके शारीरिक उपचार के साथ मानसिक और भावनात्मक देखभाल भी बेहद जरूरी है।

 

पूरा हरियाणा कर रहा है जल्द स्वस्थ होने की कामना

इस घटना ने हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग मासूम बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

मां की गोद में लौटना और हादसे के बाद पहली बार अपने मुंह से भोजन करना परिवार के लिए बेहद भावुक और सुकून देने वाला पल है।

लोकहित एक्सप्रेस की ओर से भी ईश्वर से प्रार्थना है कि नन्ही परी जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो, फिर से हंसे, खेले और बिना किसी डर के अपना बचपन खुलकर जी सके। बिटिया, पूरा हरियाणा तुम्हारे साथ है। तुम्हारे जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है। 🙏

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