गजसिंहपुर,(यश कुमार)। श्री महावीर ड्रामेटिक क्लब के मंच पर सीता हरण प्रसंग का प्रभावशाली मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम एवं माता सीता की आरती से हुई। इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र प्रकाश शर्मा, समाजसेवी नरेश कुमार काठपाल तथा शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रधानाचार्य गुरचरण सिंह मोमी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. भूपेंद्र प्रकाश शर्मा एवं समाजसेवी नरेश कुमार काठपाल ने रामलीला के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। रामलीला के दौरान शूर्पणखा खर-दूषण के साथ भगवान श्रीराम के पास पहुंचती है, जिसके बाद युद्ध का रोमांचक दृश्य प्रस्तुत किया गया। युद्ध में खर-दूषण के वध का मंचन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। इसके बाद रावण की दरबार में शानदार एंट्री, शूर्पणखा की फरियाद तथा रावण और मारीच के बीच संवाद ने कथा को नया मोड़ दिया आगे साधु के वेश में रावण और माता सीता के बीच संवाद तथा सीता हरण के दृश्य का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं से दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की। सीता की भूमिका रणवीर, भगवान श्रीराम की भूमिका बालकिशन गिरधर, लक्ष्मण की भूमिका दिनेश शर्मा, रावण की भूमिका तिलक शर्मा, साधु वेशधारी रावण की भूमिका शिवचरण तथा खर-दूषण की भूमिकाएं ललित काठपाल एवं छगन व्यास ने निभाईं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संजय जुनेजा द्वारा तैयार की गई कोरियोग्राफी (गीता, बबीता, महावीर सिंह पुकाठ दंगल) भी आकर्षण का केंद्र रही। इसके माध्यम से बालिकाओं को खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने, अपनी प्रतिभा पहचानने तथा आत्मविश्वास के साथ जीवन में लक्ष्य हासिल करने का प्रेरणादायक संदेश दिया गया।
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