मुख्यमंत्री ने सनातम धर्म सभा के पदाधिकारियों को मेले की गतिविधियों के लिए 21 लाख रूपए देने की घोषणा की।
September 21st, 2026 | Post by :- | 14 Views
अम्बाला:अशोक शर्मा।
अम्बाला शहर में आयोजित किये जा रहे धार्मिक और एतिहासिक महत्व के उत्तर भारत के प्रसिद्ध वामन द्वादशी मेले की प्रथम संध्या का शुभारम्भ मुख्य अतिथि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने दीप प्रज्वलित करके किया। इस मौके पर उनके साथ पूर्व मंत्री असीम गोयल नन्यौला, भाजपा जिला प्रधान मनदीप राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व अन्य अतिथियों ने भगवान वामन का आर्शीवाद भी प्राप्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  पूर्व मंत्री असीम गोयल नन्यौला ने की। इस मौके पर सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि व पूर्व राज्यमंत्री असीम गोयल नन्यौला, भाजपा जिला अध्यक्ष मनदीप राणा, पंजाबी सुप्रसिद्ध गायक गुरमुख खान व दिलावर कौशिक को स्मृति चिन्ह व शाल भेंट कर उनका भव्य अभिनंदन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सनातम धर्म सभा के पदाधिकारियों को मेले की गतिविधियों के लिए 21 लाख रूपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उपस्थित सभी को भगवान वामन द्वादशी मेले की शुभकामनाएं एवं बधाई दी और मां अम्बा की पावन धरती अंबाला को कोटि-कोटि  नमन करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक वामन द्वादशी मेले में आपके बीच उपस्थित होना मेरे लिए सौभाग्य का अवसर है।
उन्होने इस मौके पर भगवान श्री वामन देव जी से प्रार्थना है कि हर परिवार में सुख आए, हर घर में खुशहाली आए, हर व्यक्ति को आगे बढऩे का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि अंबाला से मेरा विशेष लगाव एवं आत्मीय संबंध है। यहां के लोगों का स्नेह मुझे हमेशा नई ऊर्जा देता है। आज मैं आपके बीच भगवान श्री वामन देव जी के एक श्रद्धालु के रूप में आया हूं। आपके साथ प्रभु के चरणों में शीश झुकाने आया हूं। उस परंपरा को प्रणाम करने आया हूं, जिसे अंबाला-वासियों ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने दिलों में संजोकर रखा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि लगभग सवा सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या है। समय बदला, शहर बढ़ा, जीवन की रफ्तार बदली, लेकिन भगवान श्री वामन देव जी के प्रति अंबाला की आस्था ओर प्रगढ़ होती गई। कभी जिन बच्चों ने अपने दादा-दादी की उंगली पकडक़र इस मेले में कदम रखा होगा, वे आज अपने नाती-पोतों को यहां लेकर आए होंगे। इस तरह एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को आस्था, संस्कार और अपनी मिट्टी से प्यार का अनमोल उपहार सौंपती आ रही है।
उन्होंने इस विरासत को जीवंत रखने के लिए सनातन धर्म सभा, सभी मंदिर समितियों, स्वयंसेवकों और अंबाला के प्रत्येक नागरिक का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सभा ऐसे धार्मिक आयोजनों के अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य, गौसेवा, गरीबों की मदद आदि के माध्यम से समाज की सराहनीय सेवा कर रही है।  माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी अपने मन की बात कार्यक्रम के 68वें एपिसोड में ओणम और वामन कथा का जिक्र किया था। उन्होंने इस कथा से पूरे देशवासियों को निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने की प्रेरणा दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री वामन देवजी का अवतार हमें जीवन की बहुत गहरी सीख देता है। उन्होंने एक छोटे-से ब्रह्मचारी का रूप धारण किया। राजा बलि के द्वार पर पहुंचे। तीन पग भूमि मांगी। उस छोटे-से रूप में विराट शक्ति समाई थी। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि किसी का मूल्य उसके रूप, आकार, वस्त्र या वैभव से नहीं आंका जाना चाहिए। एक साधारण दिखाई देने वाले व्यक्ति के भीतर भी असाधारण सामथ्र्य हो सकता है। इसलिए, हर व्यक्ति का सम्मान करना हमारा संस्कार होना चाहिए।
भगवान ने विराट रूप धारण करके दो पगों में समस्त लोकों को नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान पूछा तो राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया। यानीकि अपना वचन निभाने के लिए उन्होंने स्वयं को समर्पित कर दिया। इस प्रसंग में विनम्रता भी है, वचन की मर्यादा भी है, समर्पण की ऊंचाई भी है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, सत्य और कर्तव्य का साथ कभी नहीं छोडऩा चाहिए।
भगवान श्री वामन जी की आराधना हमें अपने भीतर झांकने का अवसर भी देती है। जब मन में विनम्रता आती है, तब सेवा सहज हो जाती है। जब अहंकार घटता है, तब दूसरों का दुख स्पष्ट दिखाई देने लगता है। उन्होंने इस मौके पर भगवान वामन से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में खुशियां आएं।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का मां अम्बा की धरती एवं वामन द्वादशी पर्व पर स्वागत करते हुए कहा कि धार्मिक और एतिहासिक दृष्टि से अम्बाला जिला की देश में विशेष पहचान है। उन्होंने कहा कि जब भी पृथ्वी पर पाप और अभिमान बढ़ता है तो उसको समाप्त करने के लिए व धर्म की स्थापना करने के लिए भगवान अवतार लेते है और भगवान वामन ने बौने के रूप में अवतार लेकर राजा बलि का अहंकार तोड़ा था। वामन भगवान ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी थी, इस पर राजा बलि ने भगवान को तीन पग भूमि देने का संकल्प किया, तब भगवान वामन ने एक पाव से पूरी पृथ्वी को नाप दिया और दूसरे पांव से पूरे आकाश को नाप दिया और राजा बलि से कहा कि अब मैं तीसरा पांव कहा रखू, तब राजा बलि ने उनके सामने अपना सिर झुकाते हुए कहा कि भगवन आप अपना तीसरा पांव मेरे सिर पर रखो । भगवान वामन ने राजा बलि को अपना आर्शीवाद देकर उसे अमर कर दिया। भगवान वामन तीर्थ के इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजा बलि की त्याग भावना से प्रभावित होकर भगवान वामन ने उन्हें महाबलिदानी कहा था और अम्बाला की धरा से ही बलिदान शब्द की उत्पत्ति मानी जाती है। उन्होंने कहा कि सनातन सभा द्वारा पिछले 135 वर्षो से इस मेले का आयोजन किया जा रहा है और इस मेले का इतिहास 300 साल पुराना हैं। उन्होंने इस मौके पर सनातन धर्म सभा द्वारा शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।
इस मौके पर सुप्रसिद्ध गायक दिलावर कौशिक, गुलाब सिद्धु व गुरमुख खान ने गीतों की प्रस्तुतियों से सभी को आनंदित किया। जिसकी सभी लोगों ने तालियां बजाकर सराहना की। इसके साथ-साथ उन्होंने अन्य धार्मिक गीतों के माध्यम से सभी का मनोरंजन किया।
बॉक्स:- इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सैक्टर 7 स्थित श्री सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल के घर पर पहुंचे। यहां पहुंचने पर नरेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व पूर्व मंत्री असीम गोयल नन्यौला को शाल व स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका भव्य अभिनंदन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नरेश अग्रवाल के परिजनों से भी शिष्टाचार भेंट भी की

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