जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । सप्तम राज्य वित्त आयोग की प्रक्रियाधीन रिपोर्ट की प्रगति की समीक्षा हेतु शुक्रवार को वित्त भवन, में आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी। बैठक के प्रारंभिक सत्र में सदस्य सचिव श्री नरेश कुमार ठकराल द्वारा 13वे केन्द्रीय वित्त आयोग द्वारा राज्य आयोगों की रिपोर्ट हेतु सुझाए गये टेम्पलेट को साझा किया गया तथा सातवें राज्य वित्त आयोग द्वारा बनाई जा रही रिपोर्ट का प्रस्तुतिकरण किया गया।
बैठक में डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों से प्राप्त हो रहे आंकड़ों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा आवश्यक गुणवत्ता परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. ताकि रिपोर्ट यथार्थ परक आधार पर तैयार की जा सके। बैठक में अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किये, जिनमें स्व-राजस्व वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा, कर संग्रहण की पारदर्शिता, परिसंपत्ति डेटा संकलन, चारागाह भूमि संरक्षण तथा ग्राम पंचायत स्तर पर बिल निर्माण एवं सत्यापन को सुदृढ़ बनाने जैसे मुद्दे शामिल रहे। इस दौरान आयोग अध्यक्ष द्वारा स्थानीय निकायों की प्रशासनिक व्यवस्था का गहनता से अध्ययन करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि रिपोर्ट में व्यावहारिक स्तर की वास्तविक स्थिति परिलक्षित हो सके। साथ ही ग्राम सभाओं में सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने के प्रभावी उपायों की पहचान कर उन्हें रिपोर्ट में समाहित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही बहुआयामी दृष्टिकोण पर आधारित प्रभावी वित्तीय हस्तांतरण मानदंड विकसित करने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अध्ययन दल द्वारा रिपोर्ट के विभिन्न अध्यायों की प्रगति, उनकी विषय-वस्तु एवं संरचना की जानकारी प्रस्तुत की गई। इस संबंध में वित्तीय हस्तांतरण के मानदंडों में सम्मिलित किए जाने वाले संभावित मापदण्डों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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