लाइट कैमरा एक्शन तक सीमित दिखा स्वच्छ भारत ।इशन
June 22nd, 2026 | Post by :- | 10 Views

सरकारें स्वच्छता के लाख दावे कर लें, लेकिन जब जमीनी हकीकत कैमरे के सामने आती है, तो ‘स्वच्छ भारत’ का सच कुछ और ही नजर आता है। ताजा मामला यूपी के पीलीभीत से सामने आया है, जहाँ नगर पालिका ने विशेष स्वच्छता और जागरूकता अभियान की शुरुआत तो की… लेकिन ये अभियान जमीन पर कम और कैमरे पर ज्यादा चलता नजर आया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने इस पूरे सरकारी अभियान की पोल खोलकर रख दी है। तस्वीरें पीलीभीत की हैं, नगर पालिका की तरफ से विशेष स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान की शुरुआत की जा रही थी। लेकिन इस 21 सेकंड के वीडियो ने पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ​वीडियो की शुरुआत में साहब झाड़ू लगाने नहीं, बल्कि किसी फिल्म की शूटिंग की तैयारी करते दिखते हैं। कैमरे के सामने आने से पहले बकायदा पूछा जाता है— “हाँ, कैमरा रेडी है?” और फिर… जैसे ही ‘लाइट, कैमरा, एक्शन’ होता है, साहबों का स्वच्छता अभियान शुरू हो जाता है,, चमकती हुई साफ-सुथरी सड़क, बदन पर कीमती डिजाइनिंग कपड़े, हाथों में झाड़ू और चेहरे पर कैमरे के लिए एक खास पोज! पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) संजीव कुमार की अगुवाई में यह 21 सेकंड का ‘एक्शन’ ड्रामा सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। और अब यही वीडियो इन अफसरों के लिए गले की फांस बन गया है।फिर क्या लाइट कैमरा एक्शन की कुछ ऐसी तस्वीर के वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जनता ने इन साहबों की क्लास लगा दी है। लोग लिख रहे हैं कि— “साहब! साफ-सुथरी और चमचमाती सड़क पर, कीमती कपड़े पहनकर सिर्फ पोज देने से शहर साफ नहीं होगा।”​जनता का गुस्सा इस बात पर भी फूट रहा है कि मानसून आने को है, महीनों से इलाके की नालियां बन्द पड़ी हैं, लेकिन उस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। सरकार और शासन में वाह-वाही लूटने के लिए सिर्फ 21 सेकंड का ये ‘लाइट, कैमरा, एक्शन’ वाला नाटक खेला गया। ​भले ही अफसरों ने कागजों और कैमरों में नंबर बना लिए हों, लेकिन पीलीभीत की जनता ने इस वायरल तस्वीर की असलियत सामने लाकर, वीआईपी स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ा दी हैं।

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