(कम्प्यूटराइजेशन के कार्य से सहकारी समितियों के कामकाज में आएगी पारदर्शिता) निजी बैंकों से प्रतिस्पर्धा के लिए सेवाओं के स्तर में सुधार करें सहकारी बैंक:- शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार,सहकारिता
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार,सहकारी समितियां डॉ.समित शर्मा ने कहा कि सहकारी संस्थाओं में लोगों की जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके लिए विश्वास आधारित व्यवस्था के साथ ही साक्ष्य आधारित व्यवस्था बनाये जाने की भी आवश्यकता है। इस दिशा में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है,जिससे संपूर्ण लेनदेन ऑनलाइन होने से सहकारी संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। डॉ.शर्मा गुरूवार को अपेक्स बैंक सभागार में केन्द्रीय सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं पर रोक लगाने की हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामले सामने आने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन के विभिन्न चरणों से संबंधित गैप्स दूर करने के निर्देश दिए। शासन सचिव ने कहा कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में राजस्थान अच्छा प्रदर्शन कर रहा है,लेकिन हमें इसमें पूरे देश में लीडर की भूमिका निभानी है। उन्होंने आगामी बैठक से पूर्व सभी पैक्स में डायनामिक डे-एंड का कार्य सम्पन्न करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी दिनों में सभी पैक्स की निर्धारित पैरामीटर्स के आधार पर रेटिंग की जाएगी। शासन सचिव ने कहा कि हमें सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में बदलाव लाकर अपेक्स बैंक को भारत का श्रेष्ठ सहकारी बैंक बनाना है। इस संबंध में संभावनाएं बहुत हैं लेकिन प्रोत्साहन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निजी बैंकों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए सहकारी बैंकों को अपनी सेवाओं के स्तर में सुधार किए जाने की जरूरत है। सभी सहकारी बैंकों में मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग एवं डेबिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। बैंक शाखाओं को व्यवहार्य बनाया जाए तथा सभी सहकारी बैंकों में भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस की पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अपात्र व्यक्तियों को ऋण नहीं दिए जाने और वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही,सीआरएआर भारतीय रिजर्व बैंक के मानकों के अनुरूप रखे जाने,डिपोजिट्स बढ़ाये जाने,जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों के खाते सहकारी बैंकों में खोले जाने तथा एनपीए स्तर कम किए जाने के भी निर्देश दिए। डॉ. शर्मा ने सभी केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं शाखाओं में अनिवार्य रूप से आधार इनेबल्ड बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने,समय पर कार्यालय आने तथा पूरे समय कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकों का कामकाज अधिक सुचारू बनाने के लिए लोन सुपरवाइजर्स,बैंकिंग सहायक तथा डिप्टी मैनेजर्स की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। बैठक में राजफेड के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ स्वामी,राइसेम के निदेशक श्री संजय पाठक,अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक श्री रणजीत सिंह चूण्डावत,अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) श्री संदीप खण्डेलवाल एवं संयुक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) श्री पी.सी.जाटव सहित नाबार्ड,सहकारिता विभाग एव अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक उपस्थित रहे।





