जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । प्रदेश के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक में सरकार द्वारा कर्मचारियों की वाजिब मांगों पर संवेदनहीन रवैया अपनाने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया और सर्वसम्मति से प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले एक डेढ़ माह से कर्मचारियों के वेतन से पैसा कटौती के बाद भी निजी अस्पतालों में आरजीएचएस (RGHS) सुविधा ठप होने के कारण कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारी और पेंशनर्स इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं वित्तीय वर्ष बीत जाने के बाद भी समर्पित अवकाश (Surrendered Leave) का नकद भुगतान नहीं करना कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है।
*आंदोलन का प्रथम चरण:
विभिन्न संगठनों के साथ हुई मीटिंग में लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रदेशभर के कर्मचारी आगामी 5 मई 2026 से अपनी मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके साथ ही प्रतिदिन एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन कर सरकार के विरुद्ध विरोध दर्ज करा ध्यानाकर्षण किया जाएगा।
*मुख्य मांगें:
■कर्मचारियों के वेतन से हो रही कटौती के बावजूद RGHS स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए।
■समर्पित अवकाश का रुका हुआ नकद भुगतान तुरंत जारी किया जाए।
महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस सांकेतिक विरोध के बाद भी सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो जल्द ही प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन और कार्य बहिष्कार की घोषणा की जाएगी,जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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